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बिल जमा करने को खर्च हो रहे 200 रुपए

Tue, 21 Apr 2015 11:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
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कमस्यार घाटी के गांवों में बिजली की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। अलबत्ता क्षेत्र के लोगों को बिजली का बिल जरूर झटका दे रहा है। बिल जमा करने के लिए लोगों को दो सौ रुपए भाड़ा देना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने ऊर्जा निगम से यहां खोले गए काउंटर को फिर बहाल करने की मांग की है। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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ऊर्जा निगम ने पल्ला कमस्यार घाटी गांवों के बगराटी, खातीगांव, भंडारीगांव, कपूरी, पैठाण, नरगोली, रावतसेरा, चंतोला, देवतोली, सानीउडियार, ठांगा, औलानी, धारी मध्या, भंडारीगांव, करड़ियागांव, कोटभंडार, खाड़ी, भैंसूड़ी, टकनार, देवलबिछराल, गड़ौली समेत करीब 30 ग्राम पंचायतों में 20 से 25 हजार तक बिजली के उपभोक्ता हैं। ऊर्जा निगम ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए रावतसेरा और सानीउडियार में बिल जमा करने के लिए काउंटर खोले थे। अब विभाग ने इसके लिए स्पॉट बिलिंग मशीन (एसबीएम) की व्यवस्था कर दी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र इस सुविधा से वंचित हैं। उन्हें बिल जमा करने के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है, इसमें उनका बिल से अधिक यात्रा भाडे़ में खर्च हो जा रहा है। क्षेत्र के विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने निगम से ग्रामीण क्षेत्रों को एसबीएम की सुविधा शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है।

मांग करने वालों में कृपाल सिंह रावत, गोविंद दिगारी, मनमोहन भौर्याल, शंकर राम, प्रकाश बोरा, दयाल नेगी, केवलानंद पांडे, मनोज रौतेला, नारायण डसीला, सुरेश रावत, पुष्पेश रावत, हीरा मेहरा, राजेंद्र राम, पूरन उप्रेती, मनोज राठौर, नरेंद्र भौर्याल, भाष्कर पंत, मुकेश रौतेला, प्रदीप जोशी, राजेंद्र खाती, पोल्डी राम और गोकुल नगरकोटी आदि शामिल हैं।
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इधर ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता डीडी पांगती ने बताया कि पल्ला कमस्यार के सानीउडियार में एसबीएम से बिल जमा करने के महीने में एक दिन निर्धारित किया गया है। जिसकी पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को दी जाती है। एक दिन में अधिकांश बिल जमा हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि एसबीएम की संख्या बढ़ने पर हर इलाके में भेजी जाएगी।
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