वन्य जीवों के आतंक से निजात दिलाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने जिला मुख्यालय में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद लगभग तीन घंटे तक तहसील परिसर में धरना दिया। इसमें जिले भर से आए किसानों ने भाग लिया।
वन्य जीवों से निजात दिलाने, खेती की क्षति का मुआवजा देने, पिछले वित्तीय वर्ष में सभी किसानों को 15 सौ रुपये का मुआवजा देने, श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों को प्रमाण पत्र देने, जिले के मजदूरों का पंजीकरण करने के लिए गरुड़ व कपकोट में कैंप लगाने, मजदूरों के पंजीकरण के लिए श्रम विभाग का स्थायी कार्यालय खोलने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को जिले भर से आए मजदूर व किसान जिला मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। यहां से जुलूस तहसील परिसर पहुंचा।
जहां पर सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि जंगली जानवरों के कारण आज किसान त्रस्त हैं लेकिन इनके आतंक से निजात दिलाने को लेकर अभी तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं। कहा कि कभी जानवरों के हमले और मौसम की मार के कारण हर साल किसान प्रभावित होता है।
परंतु सभी किसानों केे उचित मुआवजा नहीं मिल पाता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उचित मुआवजा देने के साथ ही किसानों को बीज व खाद भी निशुल्क मुहैया कराने की मांग उठाई। कहा कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया जाता है तो फिर से उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। धरना प्रदर्शन करने वालों में भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रभारी गणेश सिंह बोरा, जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह, डीडी शर्मा, रमेश जोशी, शेखरानंद पांडे, विशन दत्त, उमेद सिंह, कुंवर सिंह, धीरज जोशी सहित जिले भर से आए सैकड़ों महिला पुरुष किसान व मजदूर शामिल थे।