भैरूचौबट्टा में युवक की संदिग्ध हालात में मौत का
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वायरल आडियो, वीडियो से मामले में आया नया मोड़
पुलिस की जांच आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की ओर घूमी
बागेश्वर। भैरूचौबट्टा में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वायरल आडियो, वीडियो से नया मोड़ आ गया है। मामला आत्महत्या की ओर घूम गया है। यही कारण है कि पुलिस ने हत्या की धारा 302 को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा 306 में तब्दील कर दिया है। पुलिस की जांच इसी बिंदु से आगे बढ़ रही है।
बागेश्वर तहसील के भैरूचौबट्टा में बीते शनिवार को मनोज कुमार (32) का शव उसी (मनोज) के मैक्स वाहन से लटका मिला था। मौत से पहले मृतक ने व्हाट्सएप स्टेटस में वीडियो अपलोड किया था जिसमें वह अपनी मौत के लिए गांव के ही दो लोगों को जिम्मेदार ठहरा रहा था। पुलिस ने इस मामले में दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में नया मोड़ तब आया कि जब इसी बीच प्रकरण को लेकर दो आडियो वायरल हो गए। वायरल आडियो कथित तौर पर मृतक और दोनों आरोपियों की बातचीत से संबंधित बताए जा रहे हैं। वायरल आडियो में मनोज और आरोपियों के मध्य मारपीट, वाहन की चाबी छीनने, वाहन के शीशे पर सिर पटकने समेत कई बातों का उल्लेख है। कथित तौर पर मनोज मौत के लिए उन (आरोपियों) दोनों लोगों के जिम्मेदार रहने की बात भी कर रहा है। यह दोनों आडियो खूब वायरल हो रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है। यही कारण है कि पुलिस की जांच की दिशा बदल गई। हत्या का केस आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में तब्दील हो गया। हालांकि वायरल आडियो की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कोट
भैरूचौबट्टा में युवक की मौत के मामले में आत्महत्या का कोण सामने आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी तस्दीक हुई है। मृतक मनोज के वीडियो और वायरल आडियो से भी जांच इस ओर घूमी है। यही कारण है कि धारा 302 को 306 में तब्दील किया गया है। वायरल आडियो की पुष्टि कराने की कार्यवाही की जाएगी। मामले में धारा बदलने को लेकर मृतक के परिजनों को संशय था, उन्हें कारण बता दिया गया है।
- अक्षय प्रह्लाद कोंडे, पुलिस अधीक्षक, बागेश्वर