पत्रकारों से वार्ता करते सांसद प्रदीप टम्टा।
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राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा है कि प्रदेश सरकार कई गांवों को शामिल कर नगर निकायों का विस्तार कर रही है। उनका कहना है कि नगर निकाय पहले से ही तमाम समस्याओं से जूझ रहे हैं। गांवों को नगर निकायों में शामिल करने से पहले सरकार को नगरपालिका और नगर पंचायतों में सुविधाएं बढ़ानी चाहिए।
बागेश्वर में पत्रकारों से बातचीत में राज्यसभा सांसद ने कहा कि ग्राम पंचायतों को पालिका में शामिल करने का हर तरफ विरोध हो रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों का भी यही कहना है कि पालिकाएं पहले से ही तमाम समस्याओं से जूझ रही हैं। ऐसे में यदि गांवों को नगर निकायों में शामिल किया गया तो समस्याएं और अधिक बढ़ेंगी। इसके अलावा ग्रामीणों पर टैक्स का बोझ भी पड़ेगा।
इसलिए सरकार को गांवों को निकायों में शामिल करने से पहले अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने पंचेश्वर बांध का भी विरोध किया। कहा कि पंचेश्वर में बांध बनने से सामरिक महत्व की टनकपुर-जौलजीबी और टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का निर्माण नहीं हो सकेगा।
नेशनल हाइवे के डूब जाने के बाद पिथौरागढ़ के लोग टनकपुर और अल्मोड़ा के लिए कैसे आवागमन करेंगे, यह भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने खड़िया खनन को ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से बाहर करने पर भी सवाल उठाए। कहा कि खड़िया खनन भी खनन की श्रेणी में ही आता है। इस पर सरकार क्यों मेहरबान है। इसका जवाब भी सरकार को देना चाहिए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक मौजूद थे।