कार्यक्रम में मौजूद आशा कार्यकर्ताएं।
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जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एवं एनएचएम के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने हाइरिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हीकरण व प्रबंधन के लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है। डीएम ने आशा कार्यकर्ताओं के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया। बेदिनी एचआरपी नाम से तैयार एप का शुभारंभ करते हुए डीएम रंजना राजगुरु ने कहा कि यह सॉफ्टवेयर काफी मददगार साबित होगा। हिमोग्लोबिन की कमी और शुगर टेस्ट करने की जानकारी दी गई है।
गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण से लेकर प्रसव कराने तक की जिम्मेदारी आशाओं की है। उन्होंने संस्थागत प्रसव पर जोर देते हुए हर गर्भवती महिला का प्रसव चिकित्सालय में कराने को कहा। सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि जनपद बागेश्वर संस्थागत प्रसव में 65 प्रतिशत पर है। इस मौके पर अच्छा कार्य करने वाली तीन आशाओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के आधार पर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में चिकित्सा विभाग के अधिकारी, आशा कार्यकर्ता मौजूद थीं।
ऐसे काम करेगा वेदिनी एचआरपी सॉफ्टवेयर
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी पियूशांक गुप्ता एवं एनएचएम के जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज पुरोहित द्वारा तैयार किए गए सॉफ्टवेयर का नाम वेदिनी बुग्याल के नाम पर रखा गया है। इस सॉफ्टवेयर में सभी गर्भवती महिलाओं के संबंध में जानकारी फीड रहेगी, जिसमें हाइरिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की सूची भी रहेगी।
एप द्वारा श्रेणीवार मैसेज भेजे जाएंगे और संभावित प्रसव की तिथि से 45, 30, 15 और सात दिन पूर्व डीएम, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी एवं संबंधित महिला को एलर्ट मैसेज भेजा जाएगा। किसी तरह की परेशानी होने पर उपचार, सुरक्षित प्रसव की कार्रवाई शुरू की जाएगी।