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बदियाकोट गांव में पहली बार दूल्हा आया गाड़ी से 

Tue, 10 May 2016 09:57 PM IST
गणेश उपाध्याय, अमर उजाला बागेश्वर।
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कपकोट ब्लाक के उच्च हिमालयी क्षेत्र को यातायात से जोड़ने के लिए 50 किमी लंबी सोंग-बदियाकोट सड़क का निर्माण होने के बाद पहली बार बदियाकोट गांव में कोई दूल्हा वाहन से पहुंचा। ढोल-नगाड़े और छोलिया नृत्य के साथ यहां पहुंची बारात जलपान के बाद आधुनिकता की दौड़ में शामिल हो गई।
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बारात के आगे आगे ढोल-नगाड़े बज रहे थे, जबकि उसके पीछे बैंड-बाजों में बाराती जमकर थिरक रहे थे। बारात देखने वालों की यहां खासी भीड़ थी। बारातियों ने उम्मीद जताई कि सड़क बनने से अब गांवों में विकास का पहिया भी तेजी से ही घूमेगा। 

बदियाकोट गांव के प्रधान केदार सिंह दानू के पुत्र महेश का विवाह गांव के ही होशियार सिंह दानू की बेटी बबीता के साथ तय हुआ था। दोनों परिवारों ने बैठकर वैवाहिक कार्यक्रम जिला मुख्यालय पर करने की सहमति बनाई। दुल्हन के चाचा विक्रम का नगर के तहसील रोड में अपना होटल है।
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तय कार्यक्रम के तहत बारात सोमवार की शाम ढोल-नगाड़ों के साथ होटल में पहुंची। जलपान के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ ही बैंड-बाजे भी बजने शुरू हो गए। कुछ बुजुर्गों ने तो बैंड बाजे भी पहली बार देखे। बारातियों ने मंगलवार की सुबह नगर का लुत्फ उठाया और इसके बाद दूल्हा, दुल्हन को वाहन में बैठाकर विदाई कराकर ले गया। 

ग्रामीणों में खुशी, विकास की उम्मीद बढ़ी 
किलपारा के प्रधान जमन सिंह दानू कहते हैं कि सड़क बनने के बाद पहली बार उनके क्षेत्र के दूल्हा-दुल्हन वाहन में बैठे हैं। सड़क बनने से अब उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों की बेटियों के विवाह में दिक्कतें नहीं आएंगी। पूर्व कनिष्ठ प्रमुख हुकुम सिंह दानू ने बताया कि पिंडर घाटी के लोग पहले तीसरे दिन ब्लाक मुख्यालय पहुंचते थे।

सड़क बनने से अब वह एक दिन में ही अपने सारे काम निपटाकर घर पहुंच जा रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही ने पीएमजीएसवाई के अभियंताओं से सड़क के प्रस्तावित सभी कार्यों को शीघ्र पूरा कराने को कहा कि, ताकि वर्षाकाल और जाड़े के मौसम में यातायात बदस्तूर चलता रहे। 

सोंग-बदियाकोट सड़क पर एक नजर 
50 किमी लंबी पीएमजीएसवाई की सोंग-बदियाकोट सड़क वर्ष 2006 में मंजूर हो गई थी। सड़क का निर्माण धीमी गति से चल रहा था। वर्ष 2012 की आपदा में पिंडर में आई भीषण बाढ़ में किलपारा में बना पैदल पुल भी बह गया था।

सड़क और पुल नहीं होने के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्र के उगियां, तीख, खाती, बाछम, सोराग, किलपारा, कालों, कुंवारी और बोरबलड़ा गांव तीन महीने बरसात और इतना ही समय बर्फबारी के कारण अलग-थलग पड़ जाते थे। क्षेत्रीय विधायक ललित फर्स्वाण के प्रयासों से निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सड़क को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया।

पिंडर समेत विभिन्न गधेरों में सात वैलीब्रिजों का निर्माण हो चुका है। पिछले दिनों पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता कुमाऊं क्षेत्र वीएन तिवारी पिछले दिनों इंजीनियरों को अपने वाहनों में बैठाकर सड़क निरीक्षण करते हुए राजकीय इंटर कालेज बदियाकोट तक पहुंचे थे। 
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