कपकोट तहसील का पोथिंग गांव तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल हैं। सड़कों का हाल ऐसा है कि गड्ढों में सड़क कहा जाए तो ही सही रहेगा।
ऐसे में वाहनों के संचालन में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। क्षेत्र की संचार सुविधाएं भी बदहाल हैं। वर्षों से लोग मोबाइल टावर लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है।
सड़क सहित यहां की समस्याओं को लेकर पूर्व में आंदोलन चलाया था। लेकिन 52 दिन बीतने के बाद भी तीन किलोमीटर सड़क में कोई काम नहीं हुआ है। इसके चलते जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है।
- हरीश चंद्र जोशी, अध्यक्ष, जन चेतना मंच।
क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या सड़क ही है। भटोड़ा-उछात सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं। मोड़ों की कटिंग नहीं होने से छोटे वाहनों का संचालन भी बड़ी मुश्किल से हो पाता है। बड़े वाहन नहीं आ पाते हैं। क्षेत्रवासियों की इस समस्या पर शीघ्र ध्यान देना चाहिए।
- खीम सिंह गढ़िया।
सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी सुविधाएं सबके लिए जरूरी हैं। इन समस्याओं को लेकर आंदोलन भी किया गया। लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। क्षेत्र की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान होना चाहिए। यदि सुविधाएं नहीं बढ़ी तो फिर से आंदोलन करना पड़ेगा।
- हरीश गढ़िया।
भटोड़ा, भगवती मंदिर, उछात मोटर मार्ग का निर्माण पूर्व विधायक शेर सिंह गढ़िया के कार्यकाल में हुआ था। इसके बाद इस सड़क का सुधारीकरण कभी नहीं किया गया। सड़क के बदहाल होने से आवाजाही में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- गोविंद सिंह गढ़िया।
सड़क को लेकर क्षेत्र की जनता ने आंदोलन किया था। 15 दिन बाद आश्वासन देकर आंदोलन तुड़वाया दिया गया लेकिन पीडब्लूडी ने इसके बाद सड़क का सुधार करने की जहमत आज तक नहीं उठाई। शासन प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों की इस तरह अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
- हिमांशु गढ़िया, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष।
पानी, सड़क, स्वास्थ्य, संचार सुविधा जैसे मुद्दों को लेकर शासन-प्रशासन को गंभीर होना चाहिए। सुविधाएं नहीं होने से ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। यदि क्षेत्र की इसी तरह से उपेक्षा की गई तो क्षेत्र की जनता को एक बार फिर आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।
- शांति गढ़िया।