प्लांट से सिलेंडरों की कम आपूर्ति के कारण जिला मुख्यालय में रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है। सिलेंडरों का बैकलॉग 1800 से कम नहीं हो पा रहा है। शहरी क्षेत्र में ही उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए दो से तीन सप्ताह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में एक माह में आपूर्ति हो पा रही है।
बागेश्वर गैस एजेंसी के पास 28 हजार रसोई गैस उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक दिन सिलेंडरों की दो गाड़ियों की जरूरत होती है, जबकि पिछले दो माह से गैस एजेंसी को नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
प्लांट से जरूरत के अनुसार सिलेंडर नहीं आने से गैस की किल्लत बनी हुई है। इस समय सिलेंडरों का बैकलॉग 1800 पर है। सिलेंडर नहीं मिलने पर शहरी क्षेत्र के लोगों को धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और अधिक खराब हैं।
सिलेंडरों के सीमित होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक से डेढ़ माह के अंतराल में गैस का वाहन भेजा जा रहा है। गैस एजेंसी के प्रबंधक जीएस बाफिला ने बताया कि प्लांट से कम आपूर्ति के बावजूद सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्लांट से प्रतिदिन दो वाहन आने पर जल्दी समस्या का समाधान हो जाएगा।