हमारा जिला ऑक्सीजन निर्भरता के मामले में एक कदम और आगे बढ़ गया है। ट्रामा सेंटर के बाद जिला अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन का नया प्लांट लगने वाला है। अस्पताल परिसर में सरकार की ओर से 400 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट (ओजीपी) लगाया जा रहा है। प्लांट लगाने का कार्य शुरू हो गया है।
कोरोना काल में सरकार की ओर से बागेश्वर जिले में पहला ओजीपी लगाया जा रहा है। इससे पहले ट्रामा सेंटर में सूरत (गुजरात) के व्यापारी बागेश्वर के बमराड़ी निवासी गोपाल गिरी ने अपने खर्च पर 250 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया है। जिले में दूसरा प्लांट स्थापित होने के बाद संक्रमितों और अन्य मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाने के लिए जिले से बाहर नहीं भेजने पड़ेंगे।
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या से ऑक्सीजन की कमी होने लगी थी। हालांकि ऑक्सीजन की कमी से यहां किसी की मृत्यु होने की सूचना नहीं है। अब संक्रमण के मामले काफी कम हो गए हैं। संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला अस्पताल में छह नए आईसीयू बेड लगाने की भी तैयारी चल रही है।
जिला अस्पताल परिसर में 400 एलपीएम क्षमता का ओजीपी लगाने का कार्य शुरू हो गया है। एक सप्ताह के भीतर प्लांट स्थापित हो जाएगा। अब जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी।
- डॉ. एलएस बृजवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल, बागेश्वर।