बागेश्वर। जनपद की 10 सड़कें अभी भी यातायात के लिए नहीं खुल सकी हैं। ग्रामीण क्षेत्र की इन सड़कों में भारी मात्रा में बोल्डर व मलबा आया है। भारी बारिश से कपकोट-दूणी-सुकंडा सड़क में लगभग 15 मीटर लंबी दरार आ गई है। यह सड़क कभी भी ध्वस्त हो सकती है। सड़कों के बंद होने से हजारों की आबादी को पैदल ही आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
भयू -गुलेर, भनार-लाथी-नामती चेटाबगढ़, रिखाड़ी-बाछम, कपकोट-कर्मी, शामा-नौकोड़ी, बैड़ा-मझेड़ा, कन्यालीकोट-जगथाना, हरसिला-पुडकुनी, भानी-रीठाबगढ़- हरसिंग्याबगढ़ विनायक, शामा-तेजम, कंधार-रीठा तल्ला परकोटी, बालीघाट-रीमा, विश्वनाथ-जसकोट, ढालन-खुनौली मार्ग पिछले तीन दिनों से बंद हैं।
बारिश थमने के बाद भी पहाड़ियां लगातार दरक रही हैं। सोमवार को बालीघाट से धरमघर के बीच भी भारी मात्रा में बोल्डर आने से यातायात ठप हो गया है। कपकोट-दूणी-सुकंडा सड़क में दरार पड़ गई है। ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी ने बताया कि इस सड़क से धरसोला तोक को भी खतरा पैदा हो गया है। अपर जिलाधिकारी एसएस जंगपांगी ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।