बागेश्वर जिले में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक शातिर चालक ने मालिक के विश्वास का फायदा उठाकर उसकी लाखों रुपये की फाइनेंसशुदा कार हड़प ली और उसे पुरानी देनदारी के बदले दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली में दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और साजिश की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
कोतवाली में फटगली निवासी चंदन राम ने तहरीर देकर बताया कि उन्होंनें वर्ष 2024 में फाइनेंस कंपनी से करीब 6.81 लाख रुपये का लोन लेकर कार संख्या यूके 02 टीए 2811 खरीदी थी। इसमें उनकी पत्नी सुनीता देवी गारंटर हैं। केवल छठी पास होने के कारण बिलौना निवासी परिचित ड्राइवर सौरभ चंद्र को गाड़ी चलाने और ऑनलाइन किश्तें जमा करने की पूरी जिम्मेदारी सौंपकर मूल दस्तावेज दे दिए। सौरभ शुरुआत में किस्तें जमा करने का झूठा नाटक कर मालिक को गुमराह करता रहा। खेल का खुलासा तब हुआ जब मार्च 2026 में फाइनेंस कंपनी ने चंदन को 6,24,908 रुपये का बकाया ऋण चुकाने का विधिक नोटिस भेजा। चंदन ने जब सौरभ से संपर्क किया तो उसने फोन ब्लॉक कर स्विच ऑफ कर लिया।
खोजबीन करने पर पीड़ित को पता चला कि उनकी कार बिलौना में ही खड़ी है और मजियाखेत निवासी पारस वर्मा उसका इस्तेमाल सोशल मीडिया पर रील बनाने में कर रहा है। चंदन ने जब पारस से अपनी गाड़ी मांगी तो उसने कहा कि सौरभ ने पुरानी देनदारी के बदले गाड़ी उसे बेच दी है। पारस ने कार स्वामी चंदन को धमकी दी कि उसकी कोतवाली में ऊंची पहुंच है। ज्यादा शिकायत की तो कार को मशीनों से कटवाकर कबाड़ में बेच दूंगा। पीड़ित के पास उसकी कॉल रिकॉर्डिंग कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के मामला दर्ज नहीं करने पर न्यायालय की शरण ली। अब सीजेएम की अदालत के आदेश पर कोतवाली में आरोपी सौरभ चंद्र और पारस वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, अपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश रचने की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
न्यायालय के आदेश पर आरोपी सौरभ चंद्र और पारस वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, अपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने वाहन के अवैध दुर्विनियोग और पीड़ित को डराने-धमकाने के साक्ष्यों की जांच के साथ तफ्तीश शुरू कर दी है।
-अजय लाल साह, सीओ बागेश्वर