बागेश्वर। पूर्व परिवहन मंत्री स्वर्गीय चंदन राम दास के प्रयासों से बागेश्वर में स्थापित रोडवेज डिपो की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। परिवहन निगम प्रबंधन ने इसी वर्ष जनवरी में विधायक पार्वती दास को बागेश्वर डिपो को दस नई बसों को देने का वादा किया था, पर यह बसें नहीं मिल सकी। अगर मिला है तो ... नया आश्वासन कि अब परिवहन निगम जून में डिपो को नई बसें उपलब्ध कराएगा।
चार सितंबर-2022 को अस्तित्व में आए बागेश्वर के रोडवेज डिपो के बेड़े में केवल 15 बसें हैं। इनमें से आठ बस आठ लाख किमी से अधिक का सफर तय कर चुकी हैं। यानि कि एक निश्चित किलोमीटर चलने के बाद रूट से हटाने का मानक है, उसको पूरा कर चुकी है। पर कोई विकल्प न होने की दशा में इसमें से सात बसों से यात्रियों को सेवा दी जा रही है। बस खराब होने से आए दिन रास्ते में बस खराब हो रही हैं। इससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जनवरी में विधायक पार्वती दास ने रोडवेज डिपो और स्टेशन का निरीक्षण किया था।
विधायक ने मौके से ही उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन से नई बसों के आवंटन के लिए फोन पर वार्ता की थी। जीएम ने मार्च में डिपो को 10 नई बस देने का वादा किया था लेकिन यह वादा पूरा नहीं हो पाया। अब परिवहन निगम का नया आश्वासन है कि अगले महीने नई बसें मिल जाएंगी। संवाद
कोट
- जून में निगम को नई बसें मिलने जा रही हैं। बसों के आवंटन में बागेश्वर डिपो को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले माह डिपो को नई बसें मिल जाएंगी।
-दीपक जैन महाप्रबंधक संचालन उत्तराखंड परिवहन निगम, देहरादून
कोट
उत्तराखंड परिवहन निगम ने नई बसों की खरीद की है। परिवहन निगम के जीएम ने कम से कम 10 नई बस देने की बात कही है। अगले महीने डिपो को नई बसें मिल जाएंगी।
-पार्वती दास विधायक बागेश्वर
अठपैंसिया जा रही बस लकड़ियाथल में खराब
बागेश्वर। शुक्रवार को दिल्ली से अठपैंसिया (कांडा) जा रही रोडवेज की बस बागेश्वर-कांडा रोड में कलनाबैंड से आगे लकड़ियाथल में खराब हो गई। यात्रियों को अन्य वाहनों से सफर करना पड़ा। डिपो से मिली जानकारी के अनुसार डिपो की 5 बस खराब हैं, 4 बसों की मरम्मत डिपो की अस्थायी कार्यशाला में की जा रही है। दो बसें चारधाम यात्रा में लगी हैं। बसों की कमी से शुक्रवार को धरमघर-दिल्ली, बागेश्वर-धरमघर और बागेश्वर-मुनस्यारी बस सेवा का संचालन नहीं हुआ। संवाद
मंडलसेरा पंपिंग योजना का काम पूरा होने का इंतजार
बागेश्वर। सरकारी सिस्टम में कामकाज कैसे होता है, उसका उदाहरण मंडलसेरा पंपिंग योजना है। इस योजना दो साल पहले पूरी हो जानी चाहिए थी, वह अभी तक अटकी हुई है। अब अफसर योजना का काम जून में पूरा होने की बात कह रहे हैं।
जल संस्थान के मानकों के अनुसार नगर को हर रोज 5.5 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। अमसरकोट, जखेड़ा, मंडलसेरा पेयजल योजना का साथ ही मंडलसेरा आईवेल से केवल तीन एमएलडी पानी मिल पाता है। पानी की कमी से कारण मंडलसेरा, जीतनगर, मजियाखेत, तहसील रोड के उपभोक्ताओं को जल संस्थान रोस्टर के हिसाब से एक दिन छोड़कर पानी देता है। नगर की पेयजल किल्लत दूर करने के लिए शासन ने वर्ष 2019-2020 में करीब साढ़े ग्यारह करोड़ लागत की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना को मंजूरी दी। 3.7 एमएलडी की पेयजल योजना का काम वर्ष 2020 में शुरू हुआ, इसे मार्च-2022 में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन पेयजल निगम की लेटलतीफी के कारण योजना का काम पूरा नहीं हो सका है। सीडीओ ने बीते दिनों योजना का निरीक्षण किया था, उन्होंने योजना के अगले महीने शुरू की बात कही है। संवाद