उत्तराखंड के बागेश्वर की कत्यूर घाटी में 12वीं सदी में निर्मित बदरीनाथ मंदिर की छत पर तांबे का छत्र लगाया जाएगा।
पुरातत्व विभाग की ओर से यह कवायद मंदिर की छत पर उगे पीपल के पेड़ से होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए की जा रही है। बागेश्वर जिले के गढ़सेर गांव में चंद शासकों द्वारा 800 वर्ष पूर्व निर्मित इस मंदिर में भगवान विष्णु की विशेष कलाकृति वाली प्रतिमा है।
कत्यूर घाटी में चंद शासकों ने नवीं सदी से लेकर 16वीं सदी तक दर्जनों मंदिरों का निर्माण कराया था। इनमें बैजनाथ, बागनाथ मंदिर समूह तो हैं हीं कई मंदिर अलग-अलग स्थानों पर भी हैं। गरुड़ के गढ़सेर गांव में बदरीनाथ मंदिर का निर्माण भी इन्हीं मंदिरों की शैली में किया गया है। वर्तमान में इन ऐतिहासिक मंदिरों की देखरेख का जिम्मा पुरातत्व विभाग के पास है।