कपकोट/बागेश्वर। बदियाकोट के भगवती मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मां भगवती के डोले को विसर्जित किया गया। मां भगवती की पूजा के लिए परंपरा के अनुसार हिमालयी क्षेत्र के बुग्यालों से ब्रह्मकमल के पुष्प लाए गए थे। भगवती की विदाई के मौके पर लोगों ने मंदिर परिसर में चांचरी गाई।
मल्ला दानपुर के बदियाकोट स्थित भगवती मंदिर में लोगों ने पूजा-अर्चना की। मां भगवती के साथ ही लाटू देवता और तिब्बतियों के हूण देवता के नाम का दीया जलाया। पूजा-अर्चना के बाद परंपरा के अनुसार दानू उपजाति के लोग मंदिर से डोले को मंदिर की अंतिम सीढ़ी तक ले गए। वहां से कपकोटी उपजाति के लोग ढोल, नगाड़ों के साथ डोले को विसर्जन के लिए ले गए।
दो दिन की पैदल यात्रा कर अनुवाल समुदाय के लोग पूजा के लिए बुग्यालों से ब्रह्मकमल लाए थे। भगवती मंदिर में ब्रह्मकमल का विशेष महत्व है। जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू, पूर्व विधायक शेर सिंह गढ़िया, जिला पंचायत सदस्य पूरन गढ़िया, मंदिर के धामी मंगल सिंह दानू, देव सिंह दानू, स्वरूप सिंह, दयाल सिंह, प्रधान सोनू दानू, पुष्पा दानू, क्षेत्र पंचायत सदस्य रुकमणि दानू, नरेंद्र दानू आदि थे।
दुर्गा पूजा कमेटी ने किया भूमि पूजन
बागेश्वर। नुमाइशखेत मैदान में दुर्गा पूजा के लिए शनिवार को भूमि पूजन किया गया। मंदिर कमेटी ने तय किया कि इस बार सादगी से दुर्गा पूजा महोत्सव होगा। कार्यक्रम में पंडित गणेश पांडे, यजमान संजय वर्मा, नवीन साह, हेम चंद्र पंत, अनिल साह, दीप साह, गीता साह, देवती देवी, चंद्र वैद्य, जया जोशी, जीवंती आदि थे।