विधायक ललित फर्स्वाण ने किसानों से कहा कि वह उन्नत किस्म के शोधित बीजों की बुवाई करके अपनी आमदनी बढ़ाएं। कृषि में वैज्ञानिक तकनीक अपनाई जाए।
किसानों से अच्छी नस्ल वाले गाय-भैैंस पालने को कहा। वह बैड़ा मझेड़ा गांव में आयोजित कृषि महोत्सव को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
विधायक फर्स्वाण ने कहा कि कृषि ग्रामीणों की आय का मुख्य साधन है। वैज्ञानिकों ने गेहूं, दलहन और तिलहन की नई किस्में विकसित की हैं। इसी तरह शाक भाजी के बीजों में भी बदलाव आया है।
उन्नतशील बीजों की वैैैज्ञानिक आधार पर बुवाई हो तो इससे आमदनी दोगुनी होगी। पहाड़ में पैदा उत्पादित अनाज और सब्जियों की बाजार में काफी मांग है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही ने कहा कि पारंपरिक खेती के तरीके में बदलाव होना जरूरी है। उत्पादन बढ़ेगा तो आय भी बढ़ेगी।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार ने कहा कि किसान की मजबूूूती के लिए सरकार कड़ी मेहनत कर रही है। पशु चिकित्साधिकारी डा. आरआर चंतोला ने दुधारू गाय और भैंसों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने पशुओं में होने वाले रोगों और उपचार के बारे में जानकारी दी। कृषि, उद्यान और अन्य विभागों के कर्मियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन महोत्सव के टीम प्रभारी हिमांशु पाठक ने किया। यहां ज्येष्ठ ब्लाक उप प्रमुख हरीश शाही, बीडीसी सदस्य राजेंद्र मेहता, ग्राम प्रधान शेखर जोशी, पूर्व प्रधान पूरन चंद्र भट्ट आदि थे।