कांडा/बागेश्वर। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों की गत खराब है। सड़कें किस हालत में हैं, इसका अंदाजा कमेड़ीदेवी से जाखनी-स्यांकोट जाने वाली सड़क से लगाया जा सकता है। कई स्थानों में सड़क से डामर पूरी तरह से उखड़ चुका है। मामूली बारिश में ही सड़क तालाब में बदल जाती है। बरसात में इस सड़क की गत और खराब होना तय है।
कमेड़ीदेवी से स्यांकोट तक बनी 14 किमी लंबी सड़क की स्थिति बहुत ही खराब है। कमेड़ीदेवी से जाखनी तक छह किमी हिस्से में सड़क की हालत काफी खराब है। सेरी नामक स्थान में सड़क खड़ंजे से भी बदतर हो गई है। सड़क से डामर पूरी तरह उखड़ चुका है। इस स्थान पर कई हादसे हो चुके हैं। सड़क पर जोखिम लेकर वाहन संचालन हो रहा है। सड़क खड़ंजे से भी खराब हालत में है। सड़क में निकास नाली न होने से बारिश का पानी सड़क पर बहता है। इससे सड़क को नुकसान हो रहा है। खराब सड़क से वाहनों में भी अधिक टूटफूट हो रही है। क्षेत्र के लोग कई बार सड़क सुधारीकरण का मामला उठा चुके हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जाता। सड़क की बदहाली से लोगों में रोष है।
तीन सचित्र और एक सादा कोट
बरसात में गड्ढे मिट्टी से भर दिए जाते हैं। कई बार सड़क की दुर्दशा का मामला जनप्रतिनिधियों के सामने उठा दिया गया है लेकिन सड़क का सुधार नहीं हुआ। हर समय अनहोनी की आशंका है।
- हेमवंत सिंह मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता जाखनी।
जाखनी-स्यांकोट सड़क में कई हादसे हो चुके हैं। सड़क वाहन संचालन लायक नहीं रह गई है। सड़क से डामर पूरी तरह उखड़ चुका है। सड़क की दशा सुधारने की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- संतोष मेहता, स्थानीय ग्रामीण
इस सड़क से अच्छे तो खड़ंजे होते हैं। सड़क में वाहन संचालन में हर समय डर रहता है। बदहाल सड़क से वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। बरसात से पहले सड़क सुधारी जानी चाहिए।
- मनोज सिंह, निवासी ग्राम जाखनी
कमेड़ीदेवी-स्यांकोट सड़क पर एक किमी हिस्से में डामरीकरण के लिए बजट मंजूर हो गया है। जल्द ही डामरीकरण कराया जाएगा। सड़क सुधारीकरण का काम भी होगा।
- संजय कुमार पांडेय, ईई, लोनिवि खंड कपकोट।