क्षेत्र पंचायत कपकोट की बैठक में सदस्यों ने बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की समस्याएं उठाईं। सदस्यों ने अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को हुई क्षति का अभी तक मुआवजा नहीं मिलने पर हंगामा काटा।
ब्लाक प्रमुख मनोहरराम की अध्यक्षता में ब्लाक सभागार में हुई बैठक में ग्राम प्रधानों ने कहा कि प्राइमरी से लेकर इंटर तक के कई स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में लंबे समय से डाक्टर नहीं हैं। कई बार समस्या उठा दी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। पिंडर घाटी के ग्राम प्रधानों ने शिकायत की कि पीएमजीएसवाई की सोंग-बदियाकोट सड़क बंद पड़ी है।
जिस कारण क्षेत्र के लोगों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। कपकोट के प्रधान पूरन कपकोटी ने कपकोट-दूणी सड़क की हालत शीघ्र ठीक करने करने की मांग की।
बीडीसी सदस्य प्रकाश जोशी, महिपाल दानू और प्रधान भगवत देवली ने लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभिंयता द्वारा बजट नहीं होने की बात कहने पर जमकर हंगामा काटा। आपदा प्रभावित कुंवारी के प्रधान किशन दानू ने कृषि विभाग द्वारा उनके गांव की गलत रिपोर्ट पेश करने पर सख्त नाराजगी जताई।
प्रधान गिरीश चंद्र जोशी, बीडीसी सदस्य जोगा सिंह मेहता ने कहा कि कई गांवों में अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से रबी फसलों को हुई क्षति का मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की।
ज्येष्ठ ब्लाक उप प्रमुख हरीश कोरंगा और ग्राम प्रधान भुवन शाही ने लघु डाल खंड से असों सरयू लिफ्ट सिंचाई योजना संचालित नहीं होने पर नाराजगी जताई। ब्लाक प्रमुख मनोहर राम ने विधायक का स्वागत करते हुए जन समस्याओं के निराकरण में सहयोग की अपील की।
विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा पंचायत प्रतिनिधियों से विकास कार्यों के निर्माण में समयबद्धता और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने को कहा। सड़कों और पेयजल योजनाओं को शीघ्र दुरुस्त करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि शासन से फसलों के मुआवजे का बजट शीघ्र दिलवाया जाएगा।
जिला विकास अधिकारी डा. महेश कुमार ने अधिकारियों को समस्याओं के समाधान में कोई कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए। बैठक का संचालन बीडीओ बीसी पंत ने किया।
वहां ज्येष्ठ ब्लाक उप प्रमुख हरीश शाही, कनिष्ठ गोकुल पंचपाल, सांसद प्रतिनिधि दयाल ऐठानी, जिला पंचायत सदस्य बहादुरराम, तहसीलदार एमएस बिरोड़िया, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।