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सांस्कृतिक कलाकारों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई

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अल्मोड़ा के चौघानपाटा में गीत गाकर विरोध जताते लोक कलाकार। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/बागेश्वर। सांस्कृतिक कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू करने के लिए अनुमति जारी न होने पर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। कहा कि तीन महीने से बेरोजगार रहने के बावजूद सरकार की ओर से कलाकारों को केवल एक हजार रुपये सहायता देने की घोषणा नाकाफी है।
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कुमाऊं लोक कलाकार महासंगठन के सदस्यों ने अल्मोड़ा के चौघानपाटा में सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों से आजीविका चलाने वाले लोक कलाकार चार माह से बेरोजगार हैं। अनलॉक वन में सरकार ने सभी क्षेत्र में काम करने के लिए गाइडलाइन जारी की लेकिन कला जगत में काम करने वालों की अनदेखी की। संस्कृति विभाग ने आर्थिक सहायता के नाम पर सभी कलाकारों का ब्यौरा मांगा लेकिन कोई सहायता राशि नहीं मिली। उन्होंने लोक कलाकारों को वन टाइम चार माह में एक हजार रुपये की सहायता को नाकाफी बताया। कहा कि सहायता राशि को बढ़ाकर सम्माजनक राशि दी जानी चाहिए। धरने के बाद डीएम नितिन सिंह भदौरिया के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्या सुलझाने की मांग की। अल्मोड़ा में महासंघ के महासचिव गोपाल सिंह चम्याल, देवेंद्र भट्ट, विमला बोरा, शीला पंत, ममता वाणी, मनीषा आर्या, नीमा चंद्रा, पंकज कुमार, शेखर कुमार, आशीर्वाद गोस्वामी, गोकुल बिष्ट, रमेश लाल, नरेश बिष्ट, दयानंद कठैत, ध्रुव टम्टा, संदीप नयाल, अमित बुधोड़ी, आशीर्वाद गोस्वामी, पूरन बोरा आदि थे।
वहीं कुमाऊं लोक कलाकार महासंगठन की जिला इकाई ने बागेश्वर की डीएम रंजना राजगुरु के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजा। संगठन ने जल्द गाइडलाइन जारी करने, सहायता राशि को बढ़ाने, कलाकारों को सूचीबद्ध कर संस्कृति विभाग एवं सूचना विभाग में पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के बकाया भुगतान की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में लक्ष्मण बिष्ट, भानु तिवारी, जगदीश नारायण, अर्जुन देव आदि थे।
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