मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार और रमसा की ओर से यहां राष्ट्रीय कला उत्सव 2017 का रंगारंग समापन हो गया है। उद्घाटन करते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी हरीश सिंह रावत ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम जहां छात्र-छात्राओं को अपनी लोककला एवं संस्कृति से जोड़ने में सहायक होते हैं। वही, विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण बनाने में कारगर सिद्ध होते हैं।
अपने कार्यालय सभागार में सीईओ रावत ने कहा कि इस वर्ष भारत सरकार की ओर से कला उत्सव कार्यक्रम की थीम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ रखी गई है। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक दो राज्यों का जोड़ा बनाया गया है। उत्तराखंड का जोड़ा कर्नाटक राज्य के साथ है।
कला उत्सव में राइंका बागेश्वर, सलानी, कौसानी, राउमावि बैसानी, तिलसारी गलई-कंधार, राबाइंका ऐठाण, बागेश्वर, पुरड़ा, पाये सहित 35 विद्यालय प्रतिभाग कर रहे हैं। राइंका सलानी के हरीश दफौटी ने कार्यक्रम की अनेक विधाओं की जानकारी दी।
कला उत्सव के तहत नृत्य कला में राइंका सलानी प्रथम, राबाइंका ऐठाण द्वितीय, राबाइंका पाये की टीम तृतीय रही। सांत्वना पुरस्कार के लिए राइंका देवलधार और राउमावि कौलाग को चुना गया। नाट्य कला में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय बहुली प्रथम, राइंका कालेज कौसानी द्वितीय, राइंका गरुड़ तृतीय, राबाइंका पाये को सांत्वना पुरस्कार मिला।
लोक संगीत में राजकीय आदर्श इंका कपकोट प्रथम, राइंका कौसानी द्वितीय, राइंका बागेश्वर ने तृतीय रहा। लोक संगीत में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय बहुली और राबाइंका पाये को सांत्वना पुरस्कार मिला। दृश्य कला में प्रथम स्थान पर राइंका सलानी, राइंका तिलसारी द्वितीय और राउमावि बैसानी ने तृतीय, सांत्वना पुरस्कार के लिए राउमावि गलई-कंधार और राइंका कौसानी को चुना गया। प्रतिभागी विजेता टीमों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न भेंट किए गए।
निर्णायक की भूमिका में सरस्वती वृजवाल, दयासागर, प्रेम सिंह मावड़ी, रवि जोशी, डॉ. शैलेंद्र धपोला, बिंदु, मयंक जोशी, मोहन सिंह धामी, कुंदन रावत रहे। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि एडीएम राहुल गोयल ने शिरकत की। इस दौरान जिला परियोजना अधिकारी राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा प्रमोद तिवारी, पीएनबी के प्रबंधक शोबन सिंह नपच्याल, राबाइंका बागेश्वर की प्रधानाचार्य शोभा, दीप जोशी, पूरन हरड़िया आदि थे। संचालन दीप चंद्र पांडेय और डॉ. राजीव जोशी ने किया।