जिलाधिकारी भूपाल सिंह मनराल ने कहा कि गांवों से पलायन रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार परक प्रशिक्षण चल रहे हैं, लेकिन इनका लाभ तभी होगा, जबकि प्रशिक्षण प्राप्त लोग स्वरोजगार अपनाएं। मात्र प्रमाण पत्रों से कुछ नहीं होगा।
यहां विकास भवन सभागार में भारतीय स्टेट बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने गांवों से पलायन रोकने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आरसेटी सहित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को लगातार प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। उन्हें स्थानीय संसाधनों पर आधारित हुनर सिखाया जा रहा है, लेकिन इन प्रशिक्षणों की तब तक कोई उपयोगिता नहीं है, जब तक कि लोग स्वरोजगार नहीं अपनाते।
उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि वह लोगों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय संसाधन मुहैया कराएं। आरसेटी के निदेशक कश्मीर साहनी ने योजना के बारे में बताया।
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एनएल आर्या ने जिले के बैंकों की ऋण जमा अनुपात की स्थिति के बारे में बताया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु जोशी सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।