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सीमांत गांव गोगिना तक पहुंची अपराजिता की मुहिम 

Thu, 07 Feb 2019 10:53 PM IST
दीपक नेगी ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
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गोगिना में ग्रामीणों की जांच करते डाँक्टर। - फोटो : अमर उजाला
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भारी बारिश और बर्फबारी के बीच सीमांत गांव गोगिना और कीमू में अमर उजाला ने अपराजिता अभियान के तहत निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इन गांवों में सबसे पहले आपका पसंदीदा अखबार अमर उजाला पहुंचा। 
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अमर उजाला ने अपराजिता कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय से 94 किमी दूर स्थित गोगिना  के अंतिम गांवों गोगिना कीमू में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया। शिविर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामा के डॉ. जितेश कुमार, फार्मासिस्ट तारा सिंह कोरंगा ने मरीजों की निशुल्क जांच की और दवाएं बांटी।

शिविर में 95 ग्रामीणों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं बांटी गई। इस दौरान वार्ड ब्वाय ललित मोहन कांडपाल समेत तमाम ग्रामीण मौजूद थे। 60 ग्रामीणों ने शपथ पत्र भरे। 
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ज्यादातर ग्रामीणों को जोड़ों के दर्द की शिकायत
स्वास्थ्य शिविर में अधिकांश मरीज पीठ, कमर और घुटनों के जोड़े के दर्द के पीड़ित थे। डॉ. जितेश कुमार के मुताबिक गांवों में महिलाएं बोझ ढोने का कार्य करती हैं लेकिन उस हिसाब से विटामिन व प्रोटीन का भोजन ग्रहण नहीं करती हैं इससे शरीर कमजोर हो जाता है। उन्होंने सलाह दी कि ग्रामीण प्रोटीन युक्त भोजन का ज्यादा सेवन करें। 

गांव में नहीं हैं स्वास्थ्य सुविधा
 गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। इलाज के 32 किमी दूर शामा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है। गांव के एएनएम सेंटर में पांच वर्षों एएनएम तैनात नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में फार्मासिस्ट तो तैनात किया है लेकिन उसके पास दवाएं नहीं रहती हैं। ऐसे में गांव में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम के तहत लगे शिविर ने लोगों को काफी राहत प्रदान की।  

मरीजों को शामा या कपकोट ले जाना पड़ता है। गांव में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। इस स्वास्थ्य शिविर से ग्रामीणों को काफी लाभ हुआ है। - हरुली देवी 

डॉक्टर की सलाह से स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। गांव में शिविर लगाने से ग्रामीणों खासकर महिलाओं व बच्चों को काफी मदद मिली है। - प्रवीण रौतेला 

मेरे पीठ, कमर, घुटनों में काफी दर्द रहता था जिस कारण मैं गांव से बाहर नहीं जा सकती थी।  शिविर लगने से गांव में ही उपचार मिल गया। - मोतिमा देवी 

मेरे आंख, कान में काफी समय से दर्द था। गांव में कोई डॉक्टर भी नहीं आता है। शिविर से दवाई ले ली। ऐसे शिविर समय-समय पर लगते रहने चाहिए। - सरिता 

स्वास्थ्य विभाग से कई बार शिविर लगाने की मांग की लेकिन विभाग ने एक नहीं सुनी। इस शिविर से लोगों को काफी राहत मिली है। - जसपाल रौतेला, क्षेत्र पंचायत सदस्य, गोगिना 

मुझे अक्सर बुखार की शिकायत रहती थी जिस कारण मैं नियमित स्कूल नहीं जा पा रहा था। गांव में दवाएं नहीं होने से इलाज भी नहीं हुआ। - योगेश 

आंख में कई दिनों से तकलीफ थी। डॉक्टर ने ड्राप डाली आराम मिल गया। ऐसे शिविर होने से असहाय ग्रामीणों को काफी राहत मिलती है। - राधा देवी 

गोगिना कीमू गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। लोगों को सही इलाज नहीं मिल पाता है। ऐसे शिविर अक्सर लगाए जाने चाहिए। - तारा सिंह कोरंगा, फार्मासिस्ट

गांव में महिलाएं अपना खयाल नहीं रखती हैं, जिस कारण उनका शरीर दिनों दिन कमजोर होता जाता है। मेरी सलाह है कि महिलाएं खुद का ध्यान रखें व पौष्टिक आहार लें - डॉ. जितेश कुमार  

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