भारी बारिश के बावजूद अच्छी नौकरी की आस में सीमांत इलाकों से सवा दो हजार युवा में आयोजित मेगा रोजगार मेले में पहुंचे। मेले में 239 युवाओं को नौकरी मिली। 1214 साक्षात्कार के दूसरे चरण के लिए चयनित हुए। 167 युवाओं का प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के लिए चयन हुआ।
जिला सेवायोजन और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना की ओर से बीडी पांडे डिग्री कॉलेज में आयोजित मेले में ऊधम सिंह नगर, देहरादून, हरिद्वार, नोएडा और दिल्ली की बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया। मेले में आठवीं पास से पीएचडी किए हुए करीब 2260 युवाओं ने पंजीयन कराया था। मेले में बागेश्वर, कपकोट, गरुड़, कांडा, काफलीगैर, बदियाकोट, गोगिना, खातीगांव से युवा पहुंचे थे।
मेले का शुभारंभ विधायक चंदन राम दास, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश चंद्र ऐठानी, पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल, एडीएम राहुल गोयल, जिल सेवायोजन अधिकारी शंकर वोरा ने किया। संचालन सुरेश पाठक ने किया। इस दौरान विक्रम नेगी आदि मौजूद थे।
ये कंपनियां पहुंचीं
मेगा रोजगार मेले में अपोलो होम केयर, अशोक लीलैंड, महिंद्रा एंड महिंद्रा , टाटा मोटर्स, टाटा ऑटो कॉम, वाईवाई, प्रीकॉल, बालाजी एक्सन, स्नाइर, टपरवेयर, हुत्तामाकी, पीपीएल, स्काईवर्ड, ल्यूमैक्स, यशस्वी एकेडमिक, वाईएसएफ, आईक्या ह्यूमन, स्पाईसर, एसआईएस, एचसीएम, टाटा स्ट्राईब समेत 38 कंपनियां पहुंची थीं।
दोस्तों की पीठ का सहारा लेकर भरा फार्म
मेले में आए युवाओं को एक आवेदन फार्म भरने को दिया गया था। बारिश की वजह से आयोजन अस्तव्यस्त हो गया। मेज वगैरह के पर्याप्त इंतजाम नहीं हो से युवाओं ने बाइक, बस्ता, घुटने, दोस्तों की पीठ का सहारा लेकर परेशानी से फार्म भरा।
एमसीएस, बीटेक, पीएचडी होल्डर ने भी किया आवेदन
मेले में ज्यादातर इंटर और स्नातक पास युवा आए थे। इनमें कुछ युवा ऐसे भी थे जिन्होंने बीटेक, एमसीए, एमटेक, पीएचडी होल्डर थे लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर वे मामूली नौकरी को भी तैयार थे। वे कंपनियों के सामने नौकरी पाने के लिए डिग्री की दलीलों का हवाला भी देते दिखाई दिये। गरुड़ से आए युवक ने नाम नहीं छापने पर बताया कि एमटेक किया हुआ लेकिन आठ हजार की नौकरी को भी तैयार है।
बारिश से धरी रह गई तैयारियां
डिग्री कालेज के मैदान में पंडाल बनाया गया और कुर्सियां लगाई गई थी। वहीं मेले में आने वाली हर कंपनी के लिए अलग से स्टाल लगाए थे लेकिन बारिश में सारी तैयारी धरी रह गई। पंडाल, स्टाल , मैदान से पानी भर गया। इस पर सेवायोजन विभाग ने अलग अलग कंपनियों के लिए कक्षाएं आवंटित कीं।
होटल के मैनेजर, शादीशुदा महिलाएं भी पहुंची
रोजगार मेले में कई छोटे होटलों के मैनेजर, प्राइवेट स्कूलों के टीचर, उम्र दराज शादीशुदा महिला भी नौकरी पाने के लिए पहुंची। कई निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मी भी ज्यादा वेतन मिलने की आस में मेले में पहुंचे और साक्षात्कार दिया।
मेले में आए युवाओं से बातचीत
मैं बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र हूं। सुबह छह बजे घर से चला था, छह घंटे की यात्रा करने के बाद दोपहर में 12 बजे यहां पहुंचा है। नौकरी मिल जाएगी तो बहुत राहत हो जाएगी। - बलवंत सिंह दानू निवासी बदियाकोट
मैं बीए पास हूं, अभी गांव में ही बच्चों को संस्कृत भाषा का अध्ययन और बोलना सिखाता हूं। मेरी योग्यता के आधार पर कोई भी नौकरी लग जाए। बड़ी उम्मीद से आया हूं। - शंकर कुमार निवासी कमेड़ीदेवी
समाजशास्त्र से एमए कर रही हूं। तीसरा सेमेस्टर है। पहली बार इंटरव्यू दूंगी। ऐसे मेले हर दूसरे-तीसरे महीने में लगते रहने चाहिए। इससे युवाओं का हौसला बढ़ता है। - संगीता कठायत निवासी द्यांगण
मेकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा की छात्रा हूं। पढ़ाई के साथ नौकरी लग जाती है तो एक्सपीरियंस मिल जाएगा, आत्मनिर्भर हो जाऊंगी। फिर भविष्य में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। - कोमल वर्मा निवासी कांडा