बागेश्वर। कृषि, समाज कल्याण विभाग की तरह ही जिले में पशुपालन विभाग भी कार्मिकों की कमी से जूझ रहा है। विभाग में अधिकारी, कर्मचारियों के 36 पद रिक्त हैं। डॉक्टर और अन्य अधिकारी, कर्मचारियों की कमी का असर विभागीय कामकाज पर पड़ रहा है।
पशुपालन की जिम्मेदारी संभालने वाले महकमे में अधिकारी, कर्मचारियों की कमी से पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग में पशु चिकित्सकों के 14 पदों के सापेक्ष 11 ही तैनात हैं। पशुधन प्रसार अधिकारी के 44 पदों में से 27 पद रिक्त हैं। 12 के स्थान पर तीन ही फार्मेसिस्ट जिले में तैनात हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के भी 3 पद रिक्त हैं।
सबसे अधिक परेशानी पशुधन प्रसार अधिकारियों की कमी से आ रही है। इन पर ग्रामीण स्तर पर पशुओं की देखरेख का जिम्मा रहता है। पशुधन प्रसार अधिकारियों के 27 पद रिक्त होने से पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी, कर्मचारियों की कमी के चलते कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। एक ही अधिकारी को कई क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।
कोट
विभाग में अधिकारी, कर्मचारियों की कमी से कार्य प्रभावित हो रहा है। हर महीने रिक्त पदों पर तैनाती के लिए पत्र आला अधिकारियों को भेजा जाता है। अधिकारी, कर्मचारियों के रिक्त पदों पर तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं।
उदय शंकर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बागेश्वर