कांडा/बागेश्वर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मानदेय बढ़ाने सहित दस सूत्री मांगों को लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। आंगनबाड़ी वर्कर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रही हैं, लेकिन उनकी सुध नहीं ली जा रही है।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मांगे पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। धरना देने वालों में अध्यक्ष लीला आर्या, कोषाध्यक्ष देवकी रावल, नीमा, ब्लाक अध्यक्ष गीता पांडे, सानू, जगदंबा, शशि पांडे, सुषमा पांडे, रेनू, षष्ठी साह, कमला, दुर्गा, चंपा, बसंती, जानकी, मुन्नी आदि ने शामिल थे। वहीं कांडा तहसील में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। वहां हेमा कर्म्याल, नीमा आर्या, राजवंती, नीरू, दीपा, मंजू, सरोज, पुष्पा, आनंदी, पूजा, रंजना आदि थे।
ये हैं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगे
मानदेय 18 हजार रुपये किया जाए, केंद्र सरकार की तर्ज पर मानदेय दिया जाए, विभागीय पदोन्नति की जाए और आयू सीमा हटाई जाए, वरिष्टता के अनुसार प्रतिवर्ष मानदेय में बढ़ोतरी हो, मिनी कार्यकर्ताओं को समान कार्य के लिए समान मानदेय मिले, दीवाली बोनस बांटा जाए, कार्यकर्ताओं को दिए गए फोन को खोने की स्थिति में उनसे पैसा नहीं वसूला जाए, यात्रा भत्ता दिया जाए, कार्यकर्ता के प्रमाण पत्र के बिना किसी स्कूल में तीन से छह वर्ष के बच्चों को दाखिला न दिया जाए।