शासन और सूचना विभाग के उच्चाधिकारियों की उपेक्षापूर्ण नीति के कारण विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी कमी है। यहां कार्यरत जिला सूचना अधिकारी गत 31 दिसंबर को रिटायर हो गई थीं जबकि सहायक लेखाकार का गत वर्ष अगस्त में बगैर प्रतिस्थानी के ही गढ़वाल मंडल को स्थानांतरण हो गया था। इसके अलावा विभाग में कई अन्य पद भी खाली हैं। विभाग को सहायक जिला सूचना अधिकारी के भरोसे छोड़ दिया है। वह ही लिपिकीय काम भी निपटा रहे हैं। कर्मियों की भारी कमी के कारण विभाग को समय पर सूचनाएं जुटाने और भेजने में पसीने छूट रहे हैं।
मालूम हो कि तहसील परिसर में लाखों रुपए की लागत से सूचना विभाग का अपना कार्यालय भवन बना हुआ है। विभाग में कार्यरत जिला सूचना अधिकारी गीता जोशी 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो गई थीं। तब से यह पद खाली है। इस पद का निर्वहन सहायक जिला सूचना अधिकारी कर रहे हैं। गत वर्ष अगस्त में यहां तैनात सहायक लेखाकार का गढ़वाल मंडल को स्थानांतरण हो गया था। तब से उनका प्रतिस्थानी भी यहां नहीं पहुंचा है। डाटा इंट्री आपरेटर और कनिष्ठ सहायक के पद तो पहले से ही खाली हैं। इसी तरह अनुसेवक का पद भी खाली है। इस पद का दायित्व पीआरडी के जवान को सौंपा गया है।
एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी को टेक्नीकल असिस्टेंट का काम देखना पड़ रहा है। विभाग में रिक्त पदों के कारण यहां हर कोई परेशान है। सहायक जिला सूचना अधिकारी को ही सूचनाएं एकत्र करने के साथ ही लिपिकीय काम भी निपटाने पड़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में तमाम काम प्रभावित हो जाते हैं। इन हालातों में न तो समय पर सूचनाएं एकत्र हो पाती हैं और न ही उन्हें समय पर इधर-उधर भेजा जा पाता है। समय पर सूचनाएं नहीं मिलने के कारण कई बार पत्रकार भी परेशान रहते हैं। विभाग के पास अपना वाहन तो है, लेकिन पूर्णकालिक चालक नहीं होने से उसे पीआरडी का जवान चलाता है। सहायक जिला सूचना अधिकारी ने आएस परिहार ने बताया कि रिक्त पदों के बारे में उच्चाधिकारियों को सूचना भेजी गई है।