गांव से लेकर केंद्र की सत्ता में बैठने वाली सरकारों में भले ही पुरुषों का वर्चस्व हो लेकिन जनप्रतिनिधि के चुनाव में महिलाएं पुरुषों को लगातार पछाड़ रही हैं। बागेश्वर जिले की दो सीटों में पिछले और इस बार के विधानसभा चुनावों में मतदान के आंकड़ों पर यदि नजर डाली जाए तो कम तादात होने के बावजूद प्रतिनिधि चुनने में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का मत प्रतिशत निर्णायक रहा है।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में कपकोट सीट में 92572 मतदाता थे। इनमें 46646 पुरुष जबकि 45926 महिला मतदाता थे। यहां पर 58.9 प्रतिशत पुरुषों और 64.87 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया। कम संख्या होने के बावजूद इन चुनावों में पुरुषों के मुकाबले मतदान करने में महिलाएं छह प्रतिशत आगे रही। सुरक्षित बागेश्वर सीट में पिछले चुनावों में 108737 मतदाता थे। इनमें 55323 पुरुष और 53414 महिलाएं थी। यहां पर 56.06 प्रतिशत पुरुषों और 67.19 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया।
इस सीट में महिलाओं ने मतदान में पुरुषों को 11 प्रतिशत पछाड़ दिया। 2017 के विधानसभा चुुनावों में भी दोनों विधानसभा सीटों में महिलाएं मतदान करने में आगे रही हैं। कपकोट सीट में इस बार कुल 93618 मतदाताओं में 47264 पुरुष और 46354 महिला मतदाता हैं। इस सीट में इस बार जहां पुरुषों का प्रतिनिधित्व महज 55.22 प्रतिशत रहा वहीं 70.02 फीसद महिलाओं ने मत का प्रयोग कर पुरुषों को पीछे छोड़ दिया। सुरक्षित बागेश्वर विधानसभा सीट में इस बार 109699 मतदाता हैं।
इनमें 55883 पुरुष और 53816 महिला मतदाता हैं। इस बार के चुनाव में जहां महज 50.11 प्रतिशत पुरुषों ने मतदान किया। वहीं महिलाओं की संख्या 70.30 प्रतिशत रही है। इस सीट में मतदान करने वाली महिलाओं की तादात पुरुषों के मुुकाबले 20 फीसदी अधिक है।