मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बागेश्वर ने शराब तस्कर को एक वर्ष के कारावास और 2.17 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने निर्णय में कहा है कि अवैध शराब की बिक्री पर समाज में होने वाली हानि को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
मामले के अनुसार पुलिस ने 19 मार्च 2016 को बागेश्वर के असौ गांव निवासी चंदन सिंह को 36 पेटी देशी-विदेशी अवैध शराब के साथ पकड़ा था। चंदन सिंह के खिलाफ झिरौली थाने में 60 आबकारी अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया गया। मामले की विवेचना झिरौली थाने के एसओ दीवान सिंह ने की।
भारी मात्रा में पकड़ी गई शराब का मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बागेश्वर की अदालत में चला। इस मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह ने अभियुक्त चंदन सिंह को एक वर्ष के कारावास और 2.17 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायालय ने अपने निर्णय में यह कहा कि अभियुक्त के पास से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई है। आबकारी अधिनियम में दंड का उद्देश्य अवैध शराब के आवागमन को रोकना है। अदालत ने यह भी कहा कि अभियुक्त का यह कृत्य संगठित अपराध में सम्मिलित होना दर्शाता है। अवैध शराब की बिक्री पर समाज में होने वाली हानि को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। अभियोजन की ओर से ललित मोहन आर्या और कमल वर्मा ने पैरवी की।