गरुड़(बागेश्वर)। किर्साण महोत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ी की धरती सोना उगल सकती है। उन्होंने कहा कि खेती से ही पहाड़ से पलायन को रोका जा सकता है।
हितैषी संस्था की ओर से बाजे गाजों और ध्वजाओं के साथ देवनाई से गरुड़ बाजार तक सांस्कृतिक जुलूस निकाला। रामलीला मैदान में मुख्य अतिथि और भाजपा के जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, साहित्यकार गोपाल दत्त भट्ट और पर्यावरणविद् राधा बहन ने महोत्सव का शुभारंभ किया। इससे पूर्व हितैषी विद्या निकेतन, दिव्य ज्योति पब्लिक स्कूल के बच्चों और लखनी गांव की लोकगायिका कमला देवी ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती दी।
महिलाओं ने झोड़ा गायन कर महोत्सव पर चार चांद लगा दिए। मुख्य अतिथि बिष्ट ने कहा कि हितैषी संस्था कृषि कार्य को बढ़ावा देने और पलायन पर विराम लगाने के लिए कई वर्षों से काम कर रही है। किसानों को कृषि कार्य के लिए समय-समय पर प्रेरित कर रही है। खेती को बढ़ावा देने से ही पलायन पर विराम लगेगा।
समारोह के विशिष्ट अतिथि साहित्यकार गोपाल दत्त भट्ट ने सरकार से बंदरों से निजात दिलाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरणविद् राधा बहन ने कहा कि पलायन को रोकने के लिए हम सभी को कृषि को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ की धरती में सोना पैदा किया जा सकता है। यहां की माटी बहुत उपजाऊं है।
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इन्होंने भी रखे विचार
महोत्सव के दौरान पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बीडी लखचौरा, हाइकोर्ट के अधिवक्ता डीके जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता भैरव नाथ टम्टा, हरी दत्त जोशी, हरीश रावत, चंद्रशेखर पांडे, काश्तकार केशर सिंह भरड़ा, मंगल राणा,लाल सिंह, सुंदर थायत हितैषी संस्था के डा. किसन राणा,जीत सिंह नेगी, राजेंद्र सिंह बिष्ट,रंजीत थायत, लच्छम राम, कैलाश जोशी आदि ने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन चंद्रशेखर बड़सीला ने किया।
पुरुड़ा की प्रेमा देवी रही प्रथम
गरुड़ (बागेश्वर)। हितैषी संस्था की ओर आयोजित चतुर्थ किर्साण महोत्सव में पहले तीन स्थानों पर रही महिलाओं को क्रमश: 12, 10, और 8 हजार का नगद पुरस्कार दिया गया। संस्था के सचिव डा. किसन राणा ने बताया कि किर्साण महोत्सव में पुरुड़ा की प्रेमा देवी प्रथम, पाये की इंद्रा बिष्ट द्वितीय और सरोली की प्रेमा देवी तृतीय स्थान पर रही। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक महिलाओं को सांत्वना पुरस्कार के के रूप में ग्यारह सौ का नगद इनाम दिया गया।