शनिवार की रात को कपकोट के चिरपतकोट के जंगल में लगी आग। संवाद न्यूज एजेंसी
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कपकोट (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र में चिरपतकोट का जंगल फिर धधकने लगा है। वन विभाग वनाग्नि को रोकने में असफल साबित हो रहा है जिसके कारण क्षेत्र के लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने जल्द आग पर काबू पाकर जंगल को बचाने की मांग की है।
चिरपतकोट के जंगल में 27 जनवरी से आग लगी है। पहली बार आग लगने पर वन विभाग ने नियंत्रण फुकान करने की बात कही थी। हालांकि इस दौरान तीन दिन तक जंगल धधकता रहा। शनिवार सुबह आग पर काबू पाया गया, लेकिन शाम होते-होते जंगल फिर धधकने लगा। पूरी रात जंगल जलता रहा। आग से वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। जंगल की आग फैलते हुए लोगों के घरों तक पहुंच रही है। ग्रामीण स्वयं आग बुझाने के लिए मजबूर हैं। सरपंच गोपाल सिंह कपकोटी, भानु गढ़िया, कुंवर सिंह, संजय कुमार आदि ने बताया कि जंगल जलने से चारा पत्ती और छोटे पौधे नष्ट हो गए हैं। जानवर भी गांव की ओर आने लगे हैं। कई बार शिकायत करने पर भी वन विभाग आग पर काबू नहीं पा सका है। आक्रोशित लोगों ने कहा कि अगर जल्द जंगल को आग से बचाया नहीं गया तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
पूर्व विधायक ने भी उठाए सवाल
कपकोट। चिरपतकोट के जंगल में लगी आग को लेकर पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दिनों से जंगल जल रहा है। तहसील मुख्यालय से सटा जंगल होने के बावजूद वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। जिसके कारण कीमती वन संपदा को नुकसान हो रहा है। जंगल से सटे ग्रामीणों के लिए भी आग खतरा बनती जा रही है। (संवाद)
पूर्व में वन विभाग ने चिरपतकोट के जंगल में नियंत्रित फुकान किया था। जिसके बाद अराजक तत्वों ने जंगल को आग के हवाले कर दिया। वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर आग को काबू में कर लिया था। इसके बावजूद अराजक तत्व बार-बार जंगल जला रहे हैं। विभाग ग्रामीणों की मदद लेकर आग बुझाने का प्रयास कर रहा है। रविवार को भी कर्मचारी मौके पर रहे। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। - एसडी कांडपाल, आरओ वन विभाग, कपकोट