बागेश्वर में रेल लाइन का काम शुरू करने की मांग को लेकर जुलूस निकालते समिति के लोग। संवाद न्यूज एज?
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बागेश्वर। टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण की मांग को लेकर रविवार को संघर्ष समिति ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। समिति के कार्यकर्ताओं ने अंग्रेजों के शासनकाल से प्रस्तावित रेल मार्ग की अनदेखी पर नाराजगी जताई।
बागेश्वर-टनकपुर रेल निर्माण संघर्ष समिति के वक्ताओं ने कहा कि बागेश्वर के लिए अंग्रेजों ने 1912 में रेल मार्ग को प्रस्तावित कर दिया था। 1912 में रेल मार्ग का सर्वे भी किया गया था। आजादी के लंबे समय बाद 1982 में सरकार को इसकी याद आई और एक बार फिर सर्वे किया गया। हालांकि निर्माण नहीं हुआ। 2006 में भी यही किया गया। 2009-10 में इसे राष्ट्रीय परियोजना में शामिल कर सर्वेक्षण किया गया।
2019-20 में भी सरकार ने सर्वे किया लेकिन निर्माण शुरू नहीं कराया। समिति की अध्यक्ष दफौटी ने कहा कि सरकार केवल सर्वे के नाम पर जनता को बरगलाने का काम कर रही है। खड़क राम आर्या ने कहा कि रेल लाइन की मांग को लेकर समिति लोगों को एकजुट करेगी। जन सहयोग से रेल लाइन की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा। 17 फरवरी को तहसील परिसर में बैठक की जाएगी। इस मौके पर पार्वती पांडे, सरस्वती, डॉ. प्रताप सिंह गढ़िया, हेम जोशी, गिरीश पाठक, डुंगर सिंह नेगी, मान सिंह देव, हयात मेहता आदि थे।
केवल सिंह देवड़ी को किया याद
बागेश्वर। रेल निर्माण संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष केवल सिंह देवड़ी का पिछले साल 17 नवंबर को निधन हो गया था। समिति के कार्यकर्ताओं ने उनकी याद में दो मिनट का मौन रखा और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।