बागेश्वर। जिले में चिकित्सकों की कमी से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। शासन ने जिला अस्पताल से दो ईएमओ को मैदानी जिलों में भेज तो दिया लेकिन बदले में जिले को एक भी चिकित्सक नहीं मिला। ईएमओ की कमी के चलते विशेषज्ञ चिकित्सकों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सेवा देनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डॉ. नसीम अहमद और डॉ. गुंजन आर्या का 10 जून को जिला अस्पताल से मैदानी जिलों में स्थानांतरण हो गया था। जिन्हें बीते दिनों अस्पताल से कार्यमुक्त कर दिया गया। इनके कार्यमुक्त होने के बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी में चिकित्सकों की कमी हो गई है। अस्पताल प्रशासन को इमरजेंसी के संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों को ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में तैनात करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने इमरजेंसी के संचालन के लिए जिले के पालड़ीछीना, घिंघारूतोला, धारी-डोबा, दोफाड़ और बनलेख से चिकित्सकों को रोस्टरवार इमरजेंसी में तैनात किया। पीएचसी के चिकित्सकों के जिला अस्पताल में आने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 10 जून को नैनीताल से जिले के लिए स्थानांतरित एक्सरे तकनीशियन ने अभी तक जिले में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। जबकि जिला अस्पताल से स्थानांतरित एक्सरे तकनीशियन जिला अस्पताल से कार्यमुक्त होकर अपने तैनाती स्थल पर जा चुकी हैं। जिला अस्पताल में सीएचसी कांडा के एक्सरे तकनीशियन सेवाएं दे रहे हैं जिससे सीएचसी कांडा में एक्सरे की सेवाएं ठप हो गई हैं।
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जिले में चिकित्सकों की कमी के बारे में शासन को समय-समय पर अवगत कराया जा रहा है। शासन से जल्द चिकित्सक मिलने की उम्मीद है। नैनीताल से स्थानांतरित सीएमओ से वार्ता कर एक्सरे तकनीशियन को कार्यमुक्त करने को कहा गया है।
.....डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर