मनाही के बावजूद लोग घरों और दुकानों का कूड़ा सड़क पर ही डाल रहे हैं। कूड़े से उठ रही दुर्गंध के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बागेश्वर नगर के गोमती नदी में स्थित पुराने और नए पुल के बीच में कूड़ादान बनाया गया था। पुल के समीप बागनाथ मंदिर का प्रवेश द्वार होने के कारण यहां से प्रतिदिन देशी-विदेशी पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। इस कूड़ेदान के कारण हर समय गंदगी रहती थी।
आवारा जानवर इस कूड़े को बिखेर देते थे। इससे स्थानीय व्यापारियों सहित श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए नगरपालिका ने दोनों पुलों के बीच स्थान पर बनाए गए कंक्रीट के कूड़ेदान को हटा दिया है। इसके बावजूद लोग घरों का कूड़ा सड़क पर ही फेंक दे रहे हैं। पुराने कूड़ा स्थल पर सड़क में पानी जमा होने से हर समय दुर्गंध उठ रही है। इसके चलते लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गोमती पुल के समीप बैंक सहित तमाम व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। कूड़ा स्थल से बदबू के भभके आने से लोगों का जीना मुहाल है। बाजार, बैंक, मंदिर के लिए आवाजाही करने वाले लोगों को भी नाक पर रुमाल रखकर गुजरना पड़ रहा है। परेशान लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से गंदगी की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। इस संबंध में नगरपालिका अध्यक्ष गीता रावल ने बताया कि नगर की रोज सफाई होती है। लोग घरों का कूड़ा कूड़ेदानों में रखें। व्यापारियों को भी कूड़दान दिए गए हैं। लोगों को नगर को स्वच्छ बनाने में सहयोग देना चाहिए।