बागेश्वर। तहसील क्षेत्र के कुंवारी गांव के बाद अब लखमारा गांव भी भीषण भूस्खलन की चपेट में आ गया है। गांव से सटी पहाड़ी से पिछले दो दिनों से लगातार हो रहे भू-धंसाव और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से ग्रामीण खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। भूस्खलन के कारण गांव की सिंचाई नहर और मुख्य मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गया है जिससे क्षेत्र का तहसील मुख्यालय से सीधा संपर्क कट गया है।
ग्राम प्रधान गीता देवी ने बताया कि लखमारा गांव में पहली बार इतना गंभीर भूस्खलन देखने को मिल रहा है। कटाव होते-होते भूस्खलन क्षेत्र गांव से महज 300 मीटर की दूरी पर रह गया है।
हुवनगाड़ से बनी सिंचाई नहर के बह जाने से किसानों के सामने खेती की सिंचाई का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इसके अलावा मार्ग बंद होने से लखमारा, छुरिया, लीली और गैनाड़ गांव के लोगों को अब लंबे वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही करनी पड़ रही है जिससे उनके समय और धन दोनों का नुकसान हो रहा है।
गांव में करीब 80 परिवार निवास करते हैं जो बीते दो दिनों से अनहोनी की आशंका से दहशत में हैं। करम सिंह मेहता, खड़क सिंह गढ़िया, दयाल सिंह कुंवर और जीवन सिंह गढ़िया सहित ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गांव का भौतिक निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त नहर और मार्ग की मरम्मत कराने की गुहार लगाई है।
नौ सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप
जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह पहाड़ी से मलबा और बोल्डर आने के कारण जिले की नौ प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार धैना-लखनी, कुलाऊं-ग्वालदम, खातीगांव-देवतोली, कपकोट-पिंडारी, उगिया-सोराग, बाछम-खाती और मिकिलाखलपट्टा मार्ग पर यातायात पूरी तरह से बाधित है। संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को जेसीबी मशीनों के जरिये मार्ग से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
................
लखमारा गांव में भूस्खलन और मार्ग क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। जल्द ही संबंधित क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षक को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक राहत और मरम्मत के कदम उठाए जाएंगे।
-अनिल कुमार चन्याल, एसडीएम, कपकोट