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Bageshwar News: मध्य हिमालयी बागानों में कीवी के बाद अब ड्रैगन फ्रूट पर दांव

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बागेश्वर। कभी सेब और कीवी की खेती से किसानों की जिंदगी बदलने वाले पहाड़ अब ड्रैगन फ्रूट की बागवानी से नई चमक पाने जा रहे हैं। सफल परीक्षण के बाद इस विदेशी और पौष्टिक फल को बागेश्वर के गर्म इलाकों में बढ़ावा देने की पहल की जा रही है। वर्ष 2025 में आठ एकड़ क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट के बागान स्थापित करने की तैयारी है।
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बागेश्वर में समुद्र तल से 1300 मीटर से ऊपर के ठंडे क्षेत्रों में सेब और कीवी किसानों की आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। अब 1000 मीटर की ऊंचाई वाले गर्म इलाकों में ड्रैगन फ्रूट को उगाने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि जिला उद्यान विभाग की ओर से किसानों को इसकी खेती के लिए 80 प्रतिशत अनुदान भी मिलेगा।

उद्यान विशेषज्ञों का कहना है कि एक एकड़ में इसके 267 पौधे लगाए जा सकते हैं। इसके लिए न्यूनतम 50 सेंटीमीटर सालाना बारिश और 20 से 36 डिग्री तापमान की जरूरत होती है। धूप और रोशनी पौधों की बढ़वार और फल उत्पादन के लिए जरूरी है।
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पौष्टिकता से भरपूर फल की काफी मांग
आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. एजल पटेल ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट हिलोकेरस केक्टेसिया परिवार से संबंधित है। इसे होनोलुलु रानी और पिताया फल के नाम से भी जाना जाता है। यह संतरा, आम, पपीता, केला, सेब की तुलना में अधिक पौष्टिक और फायदेमंद होता है। ड्रैगन फ्रूट बाहर से अनानास की भांति दिखाई देता है। अंदर से गूदा सफेद और काले छोटे-छोटे बीजों से भरा हुआ नाशपाती और कीवी की तरह होता है। फल का रंग लाल-गुलाबी होता है। बाहरी आवरण में हरे रंग की पंक्तियां होती हैं। फल की स्थानीय और बाहरी बाजार में अधिक मांग रहती है। स्थानीय बाजार में एक फल की कीमत 100 से 120 रुपये तक है।

यह भी जानें
ड्रैगन फ्रूट गर्म और उप-उष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छी तरह पनपता है। समुद्र तल से लेकर मध्य हिमालय की तलहटी और तराई क्षेत्रों तक ड्रैगन फ्रूट की पैदावार हो सकती है। इसका पौधा समुद्र तल से लेकर लगभग 1500 मीटर (या लगभग 5000 फीट) तक की ऊंचाई पर सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। कुछ किस्में 1800 मीटर तक भी पाई जाती हैं, लेकिन वहाँ उत्पादन और गुणवत्ता थोड़ी कम हो सकती है। इसके लिए 20°C से 35°C तापमान आदर्श है। पर्याप्त धूप जरूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा ठंडी या पाले वाली जगहों पर यह नहीं पनपता। आसपास पानी नहीं रुकना चाहिए वरना जड़ें सड़ जाएंगी।


कोट
ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन के लिए विभाग ने जिले के कई जगहों पर परीक्षण किया। परीक्षण सफल होने के बाद बागवानी को बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है। इस साल में आठ एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की बागवानी का लक्ष्य रखा है। इच्छुक किसान नजदीकी उद्यान सचल केंद्र में जाकर बागवानी के लिए आवेदन कर सकते हैं। - हरीश चंद्र आर्या, जिला उद्यान अधिकारी, बागेश्वर
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