मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने डेढ़ साल पहले न्यायालय परिसर में अश्लील करने के दो आरोपियों में से पुरुष को दो साल की सजा और 2500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। सीजेएम ने महिला आरोपी को पांच सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित करने के आदेश पारित किए हैं।
जानकारी के अनुसार 22 मई 2014 को बागेश्वर तहसील के एक गांव निवासी अभियुक्त दीपक होलरिया और उसी क्षेत्र के एक गांव की महिला अपने किसी काम से न्यायालय आए थे। दोनों ही न्यायालय परिसर में अश्लील हरकत कर रहे थे। न्यायालय में तैनात कांस्टेबल ललित गोस्वामी के मना करने पर अभियुक्त दीपक होलरिया कांस्टेबल से गाली गलौज और देख लेने की धमकी देने लगा। कांस्टेबल ने घटना की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई।
मामले की विवेचना एसआई प्रतिमा भट्ट ने की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिंह ने सभी तथ्यों को देखते हुए अभियुक्त दीपक होलरिया को दो साल का कारावास और 2500 रुपये का जुर्माना लगाया है। उन्होंने सह अभियुक्त महिला को 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित करने के आदेश पारित किए। अभियोजन अधिकारी ललित मोहन आर्य ने सरकार की ओर से पैरवी की।