2023-2024 में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना का लक्ष्य पूरा नहीं कर सका विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना वर्ष 2023-24 में लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई। महिला के पहली बार गर्भवती होने पर विभाग को 1180 का लक्ष्य मिला था। इसमें से 961 लोगों ने आवेदन किया। 617 आवेदकों को पहली किश्त मिली। लक्ष्य के सापेक्ष 219 लाेग आवेदन से वंचित रह गए। 344 आवेदकों को पहली किश्त नहीं मिली।
दूसरे बच्चा बालिका पैदा होने पर 393 का लक्ष्य रखा गया था। यहां भी लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। 316 ने आवेदन किया। मात्र 156 को लाभ मिला। इस वर्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाना था लेकिन कई क्षेत्र में नेटवर्क समस्या के कारण आवेदन नहीं हो सके। इसके अलावा पोर्टल में दिक्कत आने के कारण भी आवेदकों के फार्म ऑनलाइन नहीं हो सके। आवेदन करने के बाद आवेदक का खाता आधार से लिंक न होने और महिला के पास स्वयं का खाता न होने के कारण पहली किश्त खाते में ट्रांसफर नहीं हो पाई।
इनसेट
क्या है योजना
बागेश्वर। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं के भरण-पोषण के लिए पहले बच्चा (बालक और बालिका दोनों के) पैदा होने पर 5000 रुपया दो किश्तों में पहली 3000 और दूसरी 2000 रुपये दिए जाते हैं। दूसरा बच्चा बालिका पैदा होने पर 6000 रुपये दिए जाते हैं।
ऐसे करें आवेदन
बागेश्वर। योजना के लिए आवेदन नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से किया जाता है। इसके लिए आवेदक के पास गर्भवती महिला और उसके पति का आधार कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, मातृ शिशु रक्षा कार्ड और संस्थागत प्रसव का प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है।
कोट- लक्ष्य को पूरा करने की पूरी कोशिश की गई। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में सीडीओ के निर्देशन में जिले की सभी आंगनबाड़ी सुपरवाइजर की बैठक लेकर आवेदन कराए गए थे। -हेम चंद्र तिवारी, प्रभारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बागेश्वर