जिले के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों का बुरा हाल है। इन विद्यालयों से शिक्षकों का लंबे समय तक गायब रहना आम बात है। अब एक विद्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की देखरेख में प्राथमिक स्कूल की परीक्षाएं संपन्न कराने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलते ही हरकत में आए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वहां पर शिक्षक की व्यवस्था करने की बात कही है।
बुधवार को जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू ने इस मामले से सीईओ को अवगत कराया। जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय पटाग में शिक्षक नहीं हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के भरोसे विद्यालय को छोड़ा गया है। इन दिनों चल रही परीक्षाओं को भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संपन्न करा रही हैं।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 25 बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। इस शिकायत के बाद सीईओ ने कपकोट के बीईओ को तत्काल शिक्षक की व्यवस्था करने को कहा। सीईओ ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय बदियाकोट में तैनात शिक्षिका की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी है।
तीख से एक शिक्षक को व्यवस्था के तहत वहां भेजा गया था। शिक्षक के किसी कार्य से बीईओ कार्यालय आने से यह स्थिति पैदा हुई। बीईओ को शिक्षक की स्थायी तैनाती को कहा गया है।