कुंवारी गांव में कई घरों में घुसे पहाड़ी से गिरे पत्थर
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अतिसंवेदनशील कुंवारी गांव में पहाड़ी से भूस्खलन जारी है। मंगलवार रात पहाड़ी से गिरे पत्थर कई घरों में घुस गए। इससे आधा दर्जन से अधिक मकानों में रखे गए खाद्यान्न सहित जरूरी सामान को काफी नुकसान पहुंचा है।
कुमाऊं और गढ़वाल की सीमा पर बसे कुंवारी गांव में 10 मार्च की शाम से शुरू हुआ भूस्खलन अब भी जारी है। पांच दिनों से पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। प्रशासन ने यहां रह रहे 30 परिवारों को सोमवार को ही गांव से लगभग आठ सौ मीटर दूर चौड़ाडब नामक स्थान पर टैंटों में विस्थापित कर दिया था।
अचानक हुए भूस्खलन के कारण 10 मार्च को सुरक्षित स्थानों पर गए लोगों का खाद्यान्न सहित जरूरी सामान घरों में ही रह गया था। मंगलवार रात पहाड़ी से अचानक पत्थर बरसने शुरू हो गए। यह पत्थर आधा दर्जन से अधिक घरों में घुस गए। इससे घरों में रखा गया खाद्यान्न सहित अन्य जरूरी सामान नष्ट हो गया। इन लोगों के पास अब खाद्यान्न भी नहीं है।
तबाही के इस मंजर से टैंटों में रह रहे गांव के लोग बेहद डरे हुए हैं। जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू ने बताया कि जिन घरों में खाद्यान्न और कपड़े दब गए हैं। उन परिवारों को संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सभी परिवारों के लिए खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामान मुहैया कराने की मांग की है।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार आपदा प्रभावित कुंवारी गांव के लिए बुधवार को भी खाद्यान्न सहित अन्य जरूरी सामान खच्चरों से भेजा गया है। बदियाकोट में सभी जरूरी समान का स्टॉक रखा गया है। मेडिकल टीम के सदस्य भी बदियाकोट में तैनात किए गए हैं। जांच के लिए गए गए भू वैज्ञानिक रवि नेगी भी बुधवार की देर शाम तक नहीं लौटे थे। स्थिति में सुधार नहीं होते देख कपकोट के एसडीएम आरएस बिष्ट बुधवार सुबह फिर कुंवारी गांव के लिए रवाना हो गए हैं।
- कुंवारी गांव में पत्थर गिरने का क्रम जारी है। बुधवार की सुबह भी काफी पत्थर गिरने की सूचना मिली है। खतरे की जद में आए सभी परिवारों को चौड़ाडब पर टैंटों में रखा गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन के कर्मचारी मौके पर हैं। खाद्यान्न सहित अन्य सामग्री गांव में उपलब्ध कराई गई है। - शिखा सुयाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर।