पार्किंग स्थल के अभाव में बागेश्वर में सड़क पर पार्क किए गए वाहन।
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शहर में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। हालात यह हैं कि सैकड़ों वाहनों को सड़कों में ही पार्क किया जा रहा है। इससे आए दिन सड़कों पर जाम की स्थिति तो पैदा होती ही है आम जनता को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बागेश्वर में इस समय लगभग 20 हजार से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। प्रतिदिन यहां की सड़कों में हजारों की संख्या में वाहन दौड़ते हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या दोपहिया वाहनों की रहती है। इतना ही नहीं प्रतिदिन बाहरी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में वाहन यहां आते हैं, परंतु वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा नहीं होने से सभी वाहनों को सड़कों के किनारे ही पार्क करना पड़ता है। टैक्सियों और दोपहिया वाहनों की पार्किंग सबसे बड़ी चुनौती है।
कपकोट रूट, कांडा रूट, बैजनाथ और ताकुला रूट के लिए संचालित होने वाली टैक्सियों के लिए सड़क को ही पार्किंग स्थल बनाया गया है। सड़कों के किनारे वाहनों के खड़ा रहने से यातायात संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क में भारी वाहनों के आते ही जाम की समस्या पैदा हो जाती है। पार्किंग की सुविधा नहीं होने से कई बार दोपहिया वाहन चालक वाहनों को सड़कों के किनारे खाली स्थानों पर ही पार्क कर देते हैं।
इन स्थलों के नो पार्किंग जोन में आने से वाहनों का चालान कर दिया जाता है। पार्किंग सुविधा नहीं होने का खामियाजा दोपहिया वाहनों के स्वामियों को भुगतना पड़ता है। पार्किंग की सुविधा नहीं होने और वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। नगरपालिका अध्यक्ष गीता रावल ने बताया कि पूर्व में जिस स्थान पर पार्किंग प्रस्तावित थी उस स्थल को 2013 में आई आपदा के कारण निरस्त कर दिया गया था। नगर में पार्किंग स्थल के लिए स्थल का चयन किया गया है। जल्दी पार्किंग स्थल का निर्माण कार्य शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।