मलबा आने से बंद जिले के एक दर्जन से अधिक मोटर मार्गों का मलबा अभी तक नहीं हट पाया है। इससे हजारों की आबादी पैदल ही आवाजाही करने को मजबूर है। शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश से गरुड़-कपकोटी-फल्याटी सड़क, भानी- हरसिंग्याबगढ़ सड़क, ढालन-खुनौली-मजबे सड़क, भयूं-गुलेर सड़क, ढपटी-झांकरा, बालीघाट-दोफाड़- धरमघर मोटर मार्ग, जेठाई-धपोली मोटर मार्ग, भनार-लाथी-नामतीचेटाबगढ़ सड़क, रिखाड़ी-बाछम सड़क, सामा-नौकोड़ी, बेड़ा-मझेड़ा, भालन-खुनौली और कांडा-सानिउडियार-रावतसेरा सड़कें यातायात के लिए बंद हो गए थे।
परंतु इन सड़कों में आए बोल्डर और मलबा अभी तक नहीं हटाया गया है। आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें जुलाई प्रथम सप्ताह से बंद हैं। इन सड़कों में जगह-जगह पर मलबा जमा है। सड़कों के बंद होने से ग्रामीणों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। एडीएम एवं प्रभारी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एसएस जंगपांगी ने बताया कि सभी विभागों को सड़कें जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
बागेश्वर। लगातार तीन दिनों तक बारिश के बाद रविवार को कुछ राहत मिली। रविवार को सुबह के समय आसमान में हल्के बादल थे। इसके बाद दिन भर तेज धूप खिली रही। बारिश रुकने से सरयू व गोमती नदियों के साथ ही गाड़-गधेरों का जल स्तर भी सामान्य रहा। इससे लोगों को खासी राहत मिली।