बागेश्वर। नगर में पेयजल की समस्या लगभग बेकाबू हो गई है। नगर पालिका समेत इससे लगा ग्रामीण इलाके में पेयजल संकट रहता है। आए दिन प्रदर्शन होते रहे हैं। समस्या का अभी तक समाधान नहीं हो सका है।
बागेेश्वर जिले में जलश्रोतों की कमी नहीं है। नगर की अधिकतर आबादी सरयू के किनारे बसी है, लेकिन लोगों की प्यास नहीं बुझ पाती। नगर के बीच से ही सरयू, गोमती जैसी सदानीरा नदियां बहती हैं, इसके बावजूद पेयजल समस्या दिनों दिन बिगड़ रही है। पेयजल की किल्लत सालभर बनी रहती है। पेयजल योजनाआें के पाइप टूटने, पंपिंग योजनाओं में बारिश के वक्त सिल्ट भरने के कारण कई बार पानी नहीं आता। गंदे पानी की सप्लाई होती है। नगर की पुरानी योजनाओं की क्षमता कम होने, उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने के कारण आए दिन समस्या पैदा होती है। कठायतबाड़ा, अमसरकोट की दोनों पेयजल योजनाएं पुरानी हो गई हैं। नगर में 20 हजार की आबादी को रोजाना 30 लाख लीटर पानी चाहिए जबकि 15 लाख लीटर मिल पा रहा है। नगर क्षेत्र में 30 हैंडपंप लगे हैं। इसके बावजूद पेयजल के लिए सैंज, कठायतबाड़ा, मंडलसेरा के लोग प्रदर्शन कर चुके हैं।
शीघ्र शुरू होगा पुनर्गठन योजना का काम
बागेश्वर। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजीव मिश्र का कहना है कि पूर्व में बनी योजनाओं की क्षमता कम है। जनसंख्या दबाव के कारण जरूरत बढ़ गई है। शीघ्र ही तीन करोड़ की लागत से सरयू से पुनर्गठन योजना का काम शुरू हो जाएगा।
पेयजल की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत
बागेश्वर। नगर में पेयजल की कमी के साथ ही गुणवत्ता की भी समस्या है। बारिश के मौसम में अधिकतर क्षेत्र में गंदा पानी आता है। अधिकारियों के अनुसार पुराने सिस्टम से परेशानी है। इसे बदलने की तैयारी है।