गरुड़ (बागेश्वर)। आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील लाहुर घाटी के लोगों को आज भी संचार सुविधा नसीब नहीं है। घाटी के लोग फोन करने 20 किमी दूर आने को मजबूर है। संचार सुविधा से वंचित ग्रामीणों ने पीएम नरेंद्र मोदी को फैक्स भेजकर घाटी को संचार सुविधा से जोड़ने को कहा है। लाहुर घाटी के जखेड़ा, जाख, दाड़िमखेत, सुराग, भगदानू, सैलानी, हरबाड़, सिमगढ़ी, डाकघट, लमचूला, नैकाना, खुमटिया आदि गांवों में संचार सुविधा नहीं है। घाटी के वाशिंदों को फोन करने आज भी 20 किमी दूर बलिबुबू मंदिर आने पर मोबाइल पर सिग्नल मिलते हैं। घाटी मेें आपदा से जब कभी कोई घटना घटती है तो घाटी के लोग रात मेें पैदल आकर बलिबुबू मंदिर आकर पटवारी को घटना की सूचना देते हैं। जखेड़ा के प्रधान ईश्वर सिंह परिहार, सुराग के रघुवीर सिंह, नैकाना खुमटिया की प्रधान प्रेमा परिहार, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र परिहार, बीडीसी सदस्य आनंद परिहार ने बताया कि लाहुर घाटी को संचार सुविधा से जोड़न के लिए कई बार बीएसएनएल के अधिकारियों समेत सांसद अजय टम्टा को बताया है। गढ़खेत के बीडीसी सदस्य गोपाल सिंह परिहार ने बताया कि बीएसएनएल ने लाहुर घाटी के गांवों को संचार सुविधा से जोड़ने के लिए गढ़खेत में दो साल पहले टावर लगाने का काम शुरू किया था। निर्माण कार्य एक साल से ठप है। उन्होंने बताया कि बीएसएनएल के अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए कई बार कह दिया है। विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्या को आज तक गंभीरता से नहीं लिया है। बीएसएनएल के अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
गरुड़ (बागेश्वर)। सांसद अजय टम्टा ने बताया कि लाहुर घाटी और गढ़खेत में निर्माणाधीन टावरों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के लिए बीएसएनएल के महाप्रबंधक को कह दिया है। संासद ने कहा है कि टावरों का निर्माण कार्य दो माह में पूरा नहीं हुआ तो विभाग के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।