बागेश्वर। उत्तरायणी मेले में इस बार भी विभिन्न विभागों ने अपनी उपलब्धियों को प्रचारित करने का प्रयास किया है। जिले में कृषि आधारित विकास और यहां के परंपरागत हस्तशिल्प पर आधारित चीजें स्टालों में सजाई गई हैं। आपदा प्रबंधन संबंधी उपकरण भी प्रदर्शनी का मुख्य हिस्सा हैं।
मेले में खादी ग्रामोद्योग विभाग ने थुलमे, चुटके, पंखी, शाल, ट्वीड के कपड़े और अन्य हथकरघा उत्पाद सजाए हैं। जिला उद्योग केंद्र के स्टॉल में भी पहाड़ी शिल्प से निर्मित गगरी, तौले, बड़े बर्तन और रणभेरी आदि वाद्य शामिल हैं। मनरेगा, आजीविका, आदि परियोजनाओं के स्टालों में स्थानीय रोजगार सृजन का आधार बने हथकरघा सामान, उन्नत बीज और रिंगाल से बनी चीजें शामिल हैं। कृषि विभाग ने उन्नत बीजों के साथ ही अनाज की कुटाई आदि में प्रयुक्त होने वाले आधुनिक उपकरणों को सजाया है। उद्यान विभाग के स्टाल का मुख्य आकर्षण आधुनिक तकनीकों से तैयार बड़ी मूली, कद्दू, फूल गोभी आदि सब्जियां शामिल हैं। वन विभाग के स्टाल में वन्य जीवन की झलक है। मत्स्य पालन, रेशम स्वास्थ्य, पशुपालन आदि विभागों ने आधुनिक सुविधाओं को प्रचारित करने का प्रयास किया है। निर्वाचन, सूचना बाल विकास, विधिक सेवा प्राधिकरण आदि विभागों के स्टालों के माध्यम से जनजागरण भी किया जा रहा है।