बागेश्वर। मानसून के बीच नवनिर्मित बालीघाट-धरमघर रोड से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। कार्यदायी संस्था की अनदेखी के बीच सड़क पर कई डेंजर स्पॉट बन चुके हैं।
पिछले वर्ष की सड़क पर डामरीकरण के बाद यातायात शुरू हुआ है। रोड कटिंग और डामरीकरण के बाद सड़क को उसी हाल पर छोड़ दिया गया है। निर्माण के दौरान सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए। नतीजतन बारिश के बाद सड़क से सटी पहाड़ियों से लगातार भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ियों से सड़क पर लगातार मलबा गिर रहा है। इससे आवाजाही बाधित होने के साथ ही यात्रियों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
मजबूरवश ग्रामीण इस खतरनाक मार्ग से सफर कर रहे हैं। वाहन चालक भी जान हथेली में लेकर सवारी ढो रहे हैं। इस मार्ग से ठीक नीचे पुंगर नदी बहती है। जरा सी असावधानी पर वाहन नदी में समा सकते हैं। इस संबंध में ग्रामीण लगातार कार्यदायी संस्था से मलबा हटाने और सुरक्षा कार्यों की मांग करते आ रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही। नाघर नौगांव प्रधान कुंदन रौतेला ने कार्यदायी संस्था और ठेकेदार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
सड़क में पानी की निकासी के इंतजाम नहीं
बागेश्वर। नवनिर्मित सड़क से पानी की निकासी के इंतजाम तक नहीं किए गए हैं। ड्रेनेज के अभाव में सड़क पर मलबा आ रहा है। वहीं, सड़क की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। नवनिर्मित सड़क पर सुरक्षात्मक कार्य भी नहीं हुए हैं। काजवे की गुणवत्ता भी पहली बरसात में कठघरे में आ चुकी है। सड़क पर कहीं भी पैरापिट, क्रश बैरियर, ब्रेस्ट वॉल, ब्रेकर नहीं बनाए गए हैं।
मातहतों को सड़क के निरीक्षण के साथ ही मलबा हटाने के निर्देश दिए हैं। सड़क पर सुरक्षात्मक कार्य जल्द पूरे करा लिए जाएंगे। इस संबंध में ठेकेदार को निर्देशित कर दिया है।
- ईई राजेंद्र प्रसाद, पीएमजीएसवाई, बागेश्वर।