बागेश्वर। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में दोबारा डीएलएड और ब्रिज कोर्स करने का विरोध किया गया। शिक्षकों ने कहा कि यदि विभाग द्वारा यह तुगलकी फरमान वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश भर के शिक्षक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष विक्रम पिलख्वाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 10-12 वर्ष पूर्व नियुक्त प्रशिक्षित शिक्षकों को अप्रशिक्षित घोषित कर फिर से डीएलएड व ब्रिज कोर्स करने का फरमान जारी किया गया है। वर्ष 2001 के बाद नियुक्त शिक्षकों ने नियुक्ति के समय सभी विभागीय शर्तों एवं अर्हताओं को पूरा कर डायट द्वारा छह माह का अतिरिक्त प्रशिक्षण विशिष्ट बीटीसी किया।
जिसका प्रमाण पत्र रामनगर बोर्ड द्वारा दिया गया है। अब इतने वर्षों के बाद सरकार द्वारा अपने ही प्रमाण पत्रों पर संदेह जताया जा रहा है। शिक्षकों से 12 हजार रुपये की धनराशि वसूल कर दुबारा प्रशिक्षण लेने का फरमान जारी किया गया है।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की अधिसूचना से पूर्व नियुक्त सभी विशिष्ट बीटीसी, बीएड, डीपीएड, बीपीएड व सीपीएड प्रशिक्षित शिक्षकों को डीएलएड ब्रिज कोर्स की बाध्यता से मुक्त करने की मांग उठाई है। बैठक में विक्रम सिंह पिलख्वाल, इंद्रपाल धपोला, प्रेम सिंह दोसाद, प्रताप कबडोला, भरत राठौर आदि मौजूद थे।