बागेश्वर का ऊर्जा निगम जूनियर इंजीनियरों की कमी से जूझ रहा है। जिले में स्वीकृत 10 जूनियर इंजीनियरों में से केवल एक पद पर जूनियर इंजीनियर तैनात है, जबकि नौ पद खाली हैं। जूनियर इंजीनियरों की कमी के चलते तमाम कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
बागेश्वर जिले में जिला मुख्यालय सहित कुल आठ विद्युत सब स्टेशन हैं। ऊर्जा निगम के इन सब स्टेशनों में कामकाज देखने के लिए जूनियर इंजीनियर तक नहीं हैं। जिले में एक अधिशासी अभियंता, दो एसडीओ के अलावा 10 पद जूनियर इंजीनियरों के सृजित किए गए हैं, लेकिन विभाग में इस समय एकमात्र जूनियर इंजीनियर तैनात है। मार्च 2015 में चार जूनियर इंजीनियर रिटायर हुए। उनके स्थान पर नई तैनाती नहीं हुई। पिछले साल दो जूनियर इंजीनियर आए उन्होंने भी जल्दी ही मैदानी क्षेत्र में ट्रांसफर करा लिया। जिले के सब स्टेशन लाइनमैनों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। जूनियर इंजीनियरों के कारण मौजूदा स्टाफ पर काम का अतिरिक्त दबाव है। यहां तक कि विभिन्न खामियों वाले बिलों को ठीक करने का काम तक अधिशासी अभियंता को करना पड़ रहा है। जूनियर इंजीनियरों की कमी के चलते कई उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पाता है। इस संबंध मेें ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता भास्कर पांडेय ने बताया कि पिछले एक साल से जूनियर इंजीनियरों के नौ पद खाली चल रहे हैं। रिक्त पदों को भरे जाने के लिए अधीक्षण अभियंता को पत्र भेजा गया है।