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राजकीय ऐलापैथिक चिकित्सालय में धरमघर में छह महीने से नहीं है डाक्टर

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धरमघर (बागेश्वर)। बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के सीमावर्ती धरमघर में स्थापित राजकीय ऐलोपैथिक चिकित्सालय में छह महीने से डॉक्टर नहीं है। फार्मेसिस्ट के गत 10 दिन से अवकाश पर होने से अस्पताल का सारा दारोमदार वार्ड ब्वॉय पर ही है। अस्पताल में लोगों के मल, मूत्र और खून की जांच की कोई व्यवस्था नहीं हैं। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बेड़ीनाग और बागेश्वर की दौड़ लगानी पड़ती है। अमर उजाला की टीम ने अस्पताल का बुधवार सुबह मौका मुआयना किया तो अव्यवस्था का मंजर देखने को मिला।
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राजकीय ऐलोपैथिक अस्पताल धरमघर में बुधवार सुबह 9.5 बजे वार्ड ब्वॉय खजान बिष्ट पहुंचे। डॉक्टर की कुर्सी खाली पड़ी थी। पता चला कि डाक्टर का गत 20 जून शहरपाठक नैनीताल तबादला हो चुका है। प्रतिस्थानी आज भी यहां नहीं पहुंचा है। फार्मेसिस्ट कक्ष में भी कुर्सी खाली थी। वह गत आठ दिसंबर से अवकाश पर हैं। अस्पताल में राम सिंह, हेमा देवी और प्रेम राम इलाज कराने आए मगर डाक्टर और फार्मेसिस्ट न होने से वह जीप में बैठकर बेड़ीनाग चले गए।


मालूम हो कि पिथौरागढ़ जिले के अधीन इस अस्पताल पर बागेश्वर जिले के सिमगड़ी, धरमघर, बास्ती, थूमा, द्वारी, सनगाड़, मझेड़ा, पठक्युड़ा और छिपछिया जबकि पिथौरागढ़ जिले के कराला, नागला गांव और धूरा आदि गांवों के लोग निर्भर हैं। अस्पताल की व्यवस्थाएं भगवान भरोसे चल रही हैं।
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डाक्टर और स्वास्थ्य परीक्षण के कोई भी संसाधन नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 20 किमी दूर बेड़ीनाग और 50 किमी दूर बागेश्वर जाना पड़ता है। इसमें उनका काफी समय, धन की बर्बादी हो रही है। राज्य आंदोलनकारी गंगा सिंह पांगती और व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र महर ने अस्पताल की समस्याएं शीघ्र दूर न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
1. एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन तक नहीं
2. बिजली और पानी भी नहीं

डाक्टरों का प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशिक्षण के बाद अस्पताल में पूर्णकालिक डाक्टर की तैनाती करवाऊंगी। फिलहाल अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सीएमओ से बात करूंगी।
- बीना गंगोला, विधायक विधानसभा क्षेत्र गंगोलीहाट।

अस्पताल में डाक्टर की समस्याएं संज्ञान में हैं। तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। बिजली के लिए ऊर्जा निगम को इस्टीमेट बनाने को कहा जाएगा जबकि नजदीक में पानी का स्रोत मिलने पर लाइन बनवाई जाएगी।
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- डॉ. उषा गुंज्याल, सीएमओ पिथौरागढ़।
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