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भूस्खलन और मलबा आने से 11 सड़कें बंद

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बागेश्वर। जिले में भूस्खलन और भारी मलबा आने से 11 सड़कें बंद रही। इससे इन मार्गों पर आवाजाही के लिए निर्भर 30 हजार की आबादी यातायात सेवा से वंचित रही। सड़कें बंद होने से लोगों को आवाजाही करने में परेशानी उठानी पड़ी। जरूरी हालातों में ग्रामीणों ने कई किमी पैदल दूरी भी नापी।

बृहस्पतिवार को भी जिले में कपकोट-पिंडारी, भयू-गडेरा, कपकोट-पोलिंग, भानी-हरसिंग्याबगड़, पोथिंग-शोभाकुंड, धरमघर-माजखेत, शामा-नौकुड़ी, गैनार-लीती, हरसिला-पुड़कुनी, कपकोट कर्मी, शामा-लीती-गोगिना मोटर मार्ग दिन भर बंद रहे। इससे दर्जनों गांवों का बाहरी सड़क संपर्क टूट गया है। लोग अपने गांव में ही कैद होकर रह गए हैं। सड़कें बंद रहने से प्रभावित क्षेत्रों में रोजाना इस्तेमाल के सामान, सब्जी, दूध की आवक पर भी इसका असर पड़ा। इसके अलावा बालीघाट-दोफाड़-धरमघर, डंगोली-सैलानी, गनी गांव, शामा-लीती, भानी-हरसिंग्याबगड़-विनायक, बिजोरीझाल-ओखसौं, बागेश्वर-कपकोट, चीराबगड़-पोथिंग मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गए। इनमें सैकड़ों यात्री कई घंटे तक फंसे रहे। बाद में कार्यदायी संस्थाओं ने मलबा हटाकर आवाजाही सुचारु की।
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दो और मकान क्षतिग्रस्त, गोशाला ध्वस्त
बागेश्वर। आपदा की मार से जिले में दो और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। एक मकान को भारी नुकसान हुआ है। इससे एक गोशाला भी ध्वस्त हो गई। बागेश्वर तहसील के खोली गांव में बुुधवार को मूसलाधार बारिश के बीच संतोष कुमार का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि सिरौली गांव में चनर राम की गोशाला ध्वस्त हो गई। दूसरी ओर कपकोट तहसील के बैड़ामझेड़ा में बसंत बल्लभ का पक्का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आपदा की सूचना पर राजस्व कर्मियों ने मौका मुआयना कर नुकसान का आकलन किया। इधर, भराड़ी मार्ग पर पहाड़ी से भूस्खलन के चलते भारी मलबा नीचे आ गिरा। इससे प्रताप सिंह कठायत के मकान को खतरा बना है। उन्होंने कार्यदायी संस्था से मलबा जल्द हटाने की मांग की है। उधर, प्रशासन ने बागेश्वर और कांडा तहसील के तीन प्रभावितों को राहत राशि बांटी। ब्यूरो
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