बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक के लीली गांव में ग्राम पंचायत निधि के खाते से ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर 3.97 लाख रुपये से अधिक की धनराशि निकालने के मामले की प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है।
जांच में मामला सही पाए जाने पर डीएम ने ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर साक्ष्यों सहित पक्ष रखने को कहा है।
दो महीने पहले लीली गांव में ग्राम पंचायत निधि के खाते से 3,97,725 की धनराशि आहरित कर ली गई थी। रुपये ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले गए थे।
मामला सामने आने पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की ओर से पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। डीएम रंजना राजगुरु ने जिला पंचायतराज अधिकारी से प्रारंभिक जांच कराई।
जांच रिपोर्ट में ग्राम प्रधान हेमा देवी के स्थान पर प्रधान पति द्वारा अनाधिकृत रूप से कार्य संचालन किया जा रहा था। प्रधान पति ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी धनराशि निकाली गई।
जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना लिखित उत्तर 15 दिन के भीतर साक्ष्यों सहित अंतिम जांच अधिकारी को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा है कि साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने पर ग्राम प्रधान को ग्राम पंचायत लीली के पद से हटाने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।