जिला प्रशासन के तमाम निर्देशों के बावजूद जिले की आठ सड़कें अब भी बंद ही हैं। सड़कों के नहीं खुलने से सुदूरवर्ती क्षेत्रों को जाने वालों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। जिन सड़कों को यातायात के लिए खोला भी गया है, वहां मलबा दूूर नहीं फेंकने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से सड़कों को तेजी से खोलने के लिए संबंधित एजेंसियों को कड़े निर्देश देने को कहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जिले में अतिवृष्टि के कारण दो जिला मार्ग, एक राज्य मार्ग और पांच ग्रामीण मोटर मार्गों पर यातायात अभी भी बंद है।
उन्होंने बताया कि बागेश्वर-गिरेछीना राज्य मार्ग किमी 10 और किमी 20 पर बंद है। इसी तरह जिला मार्ग आरे-द्यांगण बाइपास किमी चार व पांच पर बंद है। कौसानी-भतेड़िया किमी एक पर बंद है, हालांकि छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग खुला है।
बालीघाट-दोफाड़-धरमघर ग्रामीण मोटर मार्ग किमी 24 व 26 पर, बालीघाट-दोफाड़-बैड़ा-भैरव ग्रामीण मार्ग किमी एक पर और कपकोट-पोलिंग ग्रामीण मोटर मार्ग किमी पांच पर बंद है। उन्होंने बताया कि तीनों मोटर मार्गों के शीघ्र खोलने के प्रयास चल रहे हैं।
इसके अलावा कपकोट-कर्मी ग्रामीण मोटर मार्ग किमी 15 और 16 पर बंद है। इधर लोनिवि ने पिछले दिनों पिंडारी सड़क के रातब्यांण के पास बंद सड़क को खोल तो दिया है, लेकिन मलबे को दूर नहीं फेेंकने से वहां सड़क काफी संकरी हो गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। लोगों ने लोनिवि से मलबा शीघ्र हटवाने को कहा है।